[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सेना के अफसरों और पूर्व सैनिकों की मिसाल:सैनिक की विधवा का नीलाम होता घर बचाया, कर्नल ने अपनी जेब से चुकाई रकम


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

सेना के अफसरों और पूर्व सैनिकों की मिसाल:सैनिक की विधवा का नीलाम होता घर बचाया, कर्नल ने अपनी जेब से चुकाई रकम

सेना के अफसरों और पूर्व सैनिकों की मिसाल:सैनिक की विधवा का नीलाम होता घर बचाया, कर्नल ने अपनी जेब से चुकाई रकम

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के देवता गांव में पूर्व सैनिक कल्याण समिति और सेना के अधिकारियों ने एकजुट होकर एक पूर्व सैनिक की विधवा के आशियाने को नीलाम होने से बचा लिया।

कर्ज न चुकाने पर कंपनी ने लगाया था ताला

दिवंगत पूर्व सैनिक ने अपने जीवनकाल में जयपुर की एक फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था। उनके निधन के बाद कर्ज की अदायगी न होने पर कंपनी ने न्यायालय के आदेश के तहत मकान पर ताला लगाकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पीड़िता ने मदद के लिए कई जगह गुहार लगाई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। अंततः वे जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (चिड़ावा) कर्नल सुरेश जांगिड़ के पास पहुंचीं।

निशुल्क पैरवी और ट्रिब्यूनल से मिला स्टे

मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नल जांगिड़ ने सेना के उच्च अधिकारियों और पूर्व सैनिकों से संपर्क साधा। पूर्व कर्नल शौकत अली खान की पहल पर अधिवक्ता एन.के. शर्मा ने बिना कोई फीस लिए ट्रिब्यूनल में विधवा का पक्ष रखा। अधिवक्ता की प्रभावी पैरवी के बाद जयपुर स्थित फाइनेंशियल ट्रिब्यूनल ने नीलामी की कार्रवाई पर रोक (स्टे) लगा दी। ट्रिब्यूनल ने शर्त रखी कि बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा कराने पर 4 दिसंबर को समझौते के लिए बातचीत की जाएगी।

कर्नल ने दिए 2.34 लाख रुपए, समिति भी आई आगे

जब पीड़ित परिवार 10 प्रतिशत की रकम जुटाने में असमर्थ दिखा, तब कर्नल सुरेश जांगिड़ ने खुद आगे आकर ₹2,34,775 का चेक जारी कर तय राशि जमा करवाई। इसके साथ ही खेतड़ी पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष कैप्टन केशर देव, सचिव हवलदार विनोद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पूर्व सैनिकों ने भी परिवार को आर्थिक संबल देने का भरोसा दिया और सहायता राशि जुटानी शुरू कर दी है।

4 दिसंबर को बातचीत के बाद घर पूरी तरह छुड़ाने की तैयारी

पूर्व सैनिक कल्याण समिति, खेतड़ी द्वारा जुटाई जा रही सहायता राशि और विधवा को मिलने वाली पेंशन की मदद से 4 दिसंबर की वार्ता के बाद बाकी बचा कर्ज चुकाने की योजना है, ताकि सैनिक के परिवार को उनका घर पूरी तरह वापस मिल सके।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22