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पीएम श्री बागला स्कूल के विद्यार्थियों ने किया हस्तशिल्प कारखाने का शैक्षिक भ्रमण


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पीएम श्री बागला स्कूल के विद्यार्थियों ने किया हस्तशिल्प कारखाने का शैक्षिक भ्रमण

‘कौशल बोध’ कार्यक्रम के तहत सीखी उत्पाद निर्माण की बारीकियां, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के अवसरों को समझा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के निर्देशानुसार पीएम श्री राजकीय बागला उच्च माध्यमिक विद्यालय, चूरू के विद्यार्थियों ने बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा की पहल ‘कौशल बोध कार्यक्रम’ के तहत श्री वैष्णवी शीतल वुड इंडस्ट्रीज हस्तशिल्प कारखाने का शैक्षिक भ्रमण किया। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने यहां हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखा और कौशल विकास तथा स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

विद्यालय की प्रधानाचार्य बबीता सैनी ने विद्यार्थियों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ कौशल आधारित व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी रुचि और दक्षता के अनुसार भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कारखाने में लकड़ी, कपड़े और अन्य कच्चे माल से विभिन्न सजावटी एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया देखी। कारखाना प्रबंधन ने उन्हें निर्माण की अलग-अलग प्रक्रियाओं की जानकारी दी। साथ ही बताया कि स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक हुनर को रोजगार से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

विद्यालय के व्यावसायिक शिक्षा प्रभारी जितेंद्र सैनी ने बताया कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में कौशल विकास, सृजनात्मक सोच, उद्यमशीलता और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘कौशल बोध’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करना और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।

भ्रमण दल में वरिष्ठ शिक्षिका रेनू सैनी, माया बेनीवाल, प्रीति शर्मा सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न उत्पादों की विशेषताओं और उनके निर्माण की बारीकियों को समझने में सहयोग किया। भ्रमण के अंत में विद्यार्थियों ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें हस्तशिल्प, कौशल विकास और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

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