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बालिकाओं को शिक्षा, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के प्रति किया जागरूक


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बालिकाओं को शिक्षा, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के प्रति किया जागरूक

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के तहत कार्यशाला आयोजित, बाल विवाह और बाल श्रम रोकने की दी जानकारी

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में बुधवार को जिला परिषद सभागार में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें बालिकाओं को शिक्षा, अधिकारों, कानूनी प्रावधानों, व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और उद्यमिता के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

बाल अधिकारिता सहायक निदेशक सत्येंद्र पाल वीर ने कहा कि बालिका शिक्षा सशक्त और प्रगतिशील समाज के निर्माण की आधारशिला है। शिक्षित बालिका अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर उपलब्ध करवाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

जनसंपर्क अधिकारी सूर्यकान्त कुमावत ने संवाद कौशल को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए बालिकाओं को अपने विचार आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने और नियमित अभ्यास से संवाद क्षमता बेहतर बनाने की सलाह दी। महिला अधिकारिता सहायक निदेशक राजेंद्र शेखावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें शिक्षा व अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।

संरक्षण अधिकारी पन्ने सिंह ने बाल विवाह, बाल श्रम और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम तथा बालिकाओं के संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने किसी भी प्रकार के अन्याय या शोषण की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

योग प्रशिक्षक सुनीता ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग का महत्व बताया। उद्यमी सरला ने उद्यमिता और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की बात कही, जबकि अंजू नेहरा ने जिम्मेदार नागरिक बनने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया। राजीविका के अयूब अली और मुकेश महर्षि ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। तीरंदाज दृष्टि और हर्षिता कंवर ने अपने अनुभव साझा कर बालिकाओं को प्रेरित किया।

कार्यशाला में संरक्षण अधिकारी, विभागीय कर्मचारी और बालिका उत्थान से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित रचना कोठारी, सुपरवाइजर कृष्णा, प्रीति, मंजू, सखी केंद्र से नीरज, सुमन, शारदा, अंजना गुप्ता, भूपेंद्र सिंह और विक्रम सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

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