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शेखावाटी में बंगाल की कला का संगम, चिड़ावा में विराजी 12 फीट से ऊंची मां महिषासुर मर्दिनी


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शेखावाटी में बंगाल की कला का संगम, चिड़ावा में विराजी 12 फीट से ऊंची मां महिषासुर मर्दिनी

कटराथल में पहली बार बंगाल की तर्ज पर तैयार हुई भव्य प्रतिमा, कलश यात्रा के साथ पंचम दुर्गा महोत्सव और श्रीकृष्ण कथा का शुभारंभ

चिड़ावा : शारदीय नवरात्र के अवसर पर शेखावाटी में भक्ति, आस्था और कला का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। कटराथल में बंगाल की पारंपरिक दुर्गा पूजा शैली से प्रेरित मां महिषासुर मर्दिनी की 12 फीट 15 इंच ऊंची भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। यह प्रतिमा चिड़ावा में श्री शिव हनुमान मित्र मंडल की ओर से आयोजित पंचम श्री दुर्गा महोत्सव में स्थापित की गई है। अपनी अनूठी बनावट और विशाल स्वरूप के कारण प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

बंगाल की परंपरा में साकार हुआ मां दुर्गा का स्वरूप

शेखावाटी में आमतौर पर मां दुर्गा के शेरावाली स्वरूप की प्रतिमाएं बनाई जाती हैं, लेकिन इस बार कटराथल में बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा से प्रेरित होकर मां महिषासुर मर्दिनी का विशेष स्वरूप तैयार किया गया है। करीब 12 फीट 15 इंच ऊंची इस प्रतिमा को 17 फीट चौड़े आधार पर बनाया गया है। इसमें मां दुर्गा के साथ भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी शामिल हैं।

बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में मां महिषासुर मर्दिनी के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित करने की परंपरा है। इसी शैली को शेखावाटी में साकार करने का प्रयास किया गया है। आयोजकों के अनुसार, क्षेत्र में इस तरह की प्रतिमा पहली बार तैयार की गई है।

गंगा की मिट्टी और प्लाई से एक महीने में तैयार हुई प्रतिमा

मूर्तिकार लोकेश पंडित ने बताया कि प्रतिमा तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा। इसके निर्माण में प्लाई और गंगा की मिट्टी का उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार बंगाल की कला और धार्मिक परंपरा को स्थानीय स्तर पर साकार करने का प्रयास किया गया है।

कलश यात्रा के साथ दुर्गा महोत्सव और श्रीकृष्ण कथा शुरू

चिड़ावा में श्री शिव हनुमान मित्र मंडल की ओर से पंचम श्री दुर्गा महोत्सव एवं श्रीकृष्ण कथा का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सुबह 11:15 बजे गांधी चौक स्थित केवलदास जी मंदिर से कलश यात्रा रवाना हुई। इसमें यजमान मधुबाला चंपा लाल जांगिड़ रहीं।

कलश यात्रा मुख्य बाजार और कबूतर खाना क्षेत्र से होते हुए कथा स्थल पहुंची। यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक जयकारों के बीच महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।

19 अक्टूबर तक होगी श्रीकृष्ण कथा

आयोजन के तहत 11 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 5:15 बजे से श्रीकृष्ण कथा का वाचन होगा। वृंदावन धाम की देवी चित्रा मंजरी अपने श्रीमुख से कथा का रसपान कराएंगी। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना के साथ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों को सुनने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में भाग लेने की अपील की है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

कलश यात्रा और महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर ग्यारसी लाल सैनी, बाबूलाल सैनी, विनोद सैनी, राजेश कटारिया, राकेश शर्मा, विकास शर्मा, विक्रम सैनी, कृष्ण गोपाल शर्मा, मोनू वर्मा, नितेश वर्मा, राजेंद्र कुमावत, लोकेश कटारिया, आर्यन सैनी, अंकित वर्मा, तरुण शर्मा, हर्ष शर्मा, किशन शर्मा, सोनू शर्मा, प्रियांशु सैनी, पीयूष सैनी, आकाश वर्मा, जतिन कटारिया, साहिल सैनी, रवि कटारिया और मोनू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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