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बेरी पशु मेले में घोड़ियों ने बिखेरा नृत्य और सुंदरता का जलवा


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बेरी पशु मेले में घोड़ियों ने बिखेरा नृत्य और सुंदरता का जलवा

बेरी पशु मेले में घोड़ियों ने बिखेरा नृत्य और सुंदरता का जलवा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : रविंद्र पारीक

बेरी : बेरी पशु मेले के आठवें दिन रविवार को घोड़ी नृत्य एवं घोड़ी सुंदरता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पशुपालकों ने अपनी घोड़ियों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। घोड़ियों द्वारा प्रस्तुत किए गए आकर्षक नृत्य ने मेले में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

घोड़ी सुंदरता प्रतियोगिता के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम ने घोड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके साथ ही उनकी सुंदरता, बनावट सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। प्रतियोगिता के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए घोड़ियों का चयन किया गया। चयनित विजेताओं को 5 अक्टूबर को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

मेले में पहुंचे पशुपालकों का मेला कमेटी संयोजक बजरंग सिंह चौहान, कुंभाराम गुर्जर, जेपी पूनिया, मेला प्रभारी हकीलेश, सह प्रभारी सुखराम सारसर एवं मेला प्रशासक हनुमान सिंह ने स्वागत किया।

मेला मीडिया प्रभारी मनोज गुर्जर ने बताया कि बेरी पशु मेला राजस्थान के प्रमुख पशु मेलों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याएं भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इन कार्यक्रमों में मातृशक्ति, युवा एवं बुजुर्ग एक साथ बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं। सुसज्जित एवं पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान की संस्कृति को जीवंत रखने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रहे बेरी पशु मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पशुपालक एवं दर्शक पहुंच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार करीब 40 हजार लोग मेले में कार्यक्रम देखने तथा पशुओं के साथ शामिल होने पहुंच चुके हैं। वहीं पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश सहित आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेले में पहुंचे हैं।

लगातार आयोजित हो रही विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते बेरी पशु मेला पशुपालकों एवं पशुप्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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