जोधपुर अग्निकांड में शहीद प्रदीप रईया की स्मृति में उमड़ा जनसैलाब
हजारों युवाओं ने बाइक रैली निकालकर दी श्रद्धांजलि, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंजा क्षेत्र
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान
बिसाऊ : जोधपुर में दमकल विभाग में ड्यूटी के दौरान आगजनी की घटना में जान गंवाने वाले दुलचास निवासी प्रदीप कुमार रईया (मेघवाल), पुत्र श्रीराम मेघवाल की स्मृति में मंगलवार को विशाल शहीद रैली निकाली गई। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए बिसाऊ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा एवं ग्रामीण रैली में शामिल हुए।
शहीद रैली बिसाऊ नगरपालिका परिसर के सामने से शुरू हुई और शहीद मुस्ताक खां सर्किल, बाईपास होते हुए दुलचास पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में बाइक सवार युवा, दमकल विभाग की गाड़ियां और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस दौरान ‘शहीद प्रदीप कुमार अमर रहें’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। युवाओं में शहीद प्रदीप कुमार के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव नजर आया।
गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि
रैली और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र एवं मंडावा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार खिचड़, अलसीसर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान गिरधारी लाल खिचड़, बिसाऊ पुलिस प्रशासन, नायब तहसीलदार, नगरपालिका कर्मचारी, भीखनसर पंचायत के पूर्व सरपंच शिशराम चौधरी सहित दमकल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अतिथियों और दमकल विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने शहीद प्रदीप कुमार को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने उनके बलिदान को नमन किया। लोगों ने कहा कि प्रदीप कुमार का देश और समाज की सेवा करते हुए दिया गया बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।
परिवार को आर्थिक सहायता का प्रावधान
नगर निगम जोधपुर के बासनी क्षेत्र में आगजनी की घटना के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत प्रदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर में भर्ती कराया गया था, जहां गहन चिकित्सा इकाई में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

नगर निगम जोधपुर की ओर से जारी आदेश में मृतक कर्मचारी के परिजनों को विभिन्न माध्यमों से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार नगर निगम की ओर से परिजनों को 5 लाख रुपए की राहत राशि दी जाएगी। इसके अलावा ठेकेदार की ओर से अधिकतम 10 लाख रुपए का मृत्यु बीमा दावा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक के दुर्घटना दावे का प्रावधान बताया गया है।
नगर निगम कर्मचारियों की ओर से एक दिन के वेतन से सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया है। आदेश में राज्य सरकार की ओर से परिवार को 20 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि तथा एक आश्रित को संविदा पर नियुक्ति का भी उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ही मृतक के आश्रितों को नियमानुसार पीएफ और ईएसआई से मिलने वाले लाभ तथा पेंशन संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से कर्मचारी के निधन पर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
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