लोहार्गल में 80 वर्षीय संत सूरजदास का शव पहाड़ियों में मिला
दो दिन से थे लापता, 5 घंटे की मशक्कत के बाद दुर्गम पहाड़ी की तलहटी में मिला शव; एयरलिफ्ट की मांग
उदयपुरवाटी : ‘मिनी हरिद्वार’ के नाम से प्रसिद्ध लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के 80 वर्षीय महंत संत सूरजदास महाराज का शव सोमवार को दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में मिला। संत 26 सितंबर की शाम से मंदिर से लापता थे। पुलिस, शिष्यों और ग्रामीणों की ओर से लगातार तलाश की जा रही थी। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद मंदिर से कुछ दूरी पर पहाड़ी की गहरी तलहटी में झाड़ियों के बीच शव मिला। संत का शव मिलने की सूचना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शव दुर्गम पहाड़ी और झाड़ियों के बीच फंसा होने के कारण उसे नीचे लाना प्रशासन और ग्रामीणों के लिए चुनौती बना हुआ है।
32 साल से बरखंडी बाबा मंदिर में कर रहे थे सेवा
पुलिस में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट के अनुसार संत सूरजदास महाराज मूल रूप से सिंगोद कलां, थाना गोविंदगढ़, जिला जयपुर के रहने वाले थे। वे पिछले करीब 32 वर्षों से बरखंडी बाबा मंदिर में पूजा-पाठ और सेवा कार्य कर रहे थे। बताया गया कि 26 सितंबर की शाम संत अचानक मंदिर से लापता हो गए थे। अगले दिन 27 सितंबर की सुबह श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो महाराज वहां नहीं मिले। इसके बाद उनके शिष्य शंकर दयाल गुर्जर को सूचना दी गई। शिष्य ने गोठड़ा पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस, शिष्यों और ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्र में तलाश शुरू की।
दुर्गम पहाड़ी में झाड़ियों के बीच मिला शव
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस और ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्र में आगे बढ़ते गए। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पहाड़ी की तलहटी में झाड़ियों के बीच संत का शव दिखाई दिया। शव जिस स्थान पर मिला, वहां पहाड़ी काफी खड़ी है और रास्ता बेहद दुर्गम है। झाड़ियों के बीच फंसे शव को सामान्य तरीके से नीचे लाना मुश्किल बताया जा रहा है। बागोरियां की ढाणी के ग्राम पंचायत प्रशासक राजेंद्र सैनी ने बताया कि शव करीब तीन दिन पुराना होने के कारण क्षत-विक्षत स्थिति में है। दुर्गम पहाड़ी और गहरी घाटी के कारण शव को नीचे लाने में काफी परेशानी हो रही है।
हेलीकॉप्टर से शव निकालने की मांग
शव को सम्मानपूर्वक नीचे लाने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्थानीय लोगों एवं संत के शिष्यों ने जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर शव को एयरलिफ्ट कराने की मांग की है। राजेंद्र सैनी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और संत के शिष्यों ने प्रशासन से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि पहाड़ी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सामान्य तरीके से शव को नीचे लाना बेहद कठिन है। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू की व्यवस्था किए जाने का इंतजार किया जा रहा है।
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