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विश्व पर्यटन दिवस पर फतेहपुर की ऐतिहासिक धरोहरों में गूंजे लोकगीत


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विश्व पर्यटन दिवस पर फतेहपुर की ऐतिहासिक धरोहरों में गूंजे लोकगीत

विश्व पर्यटन दिवस पर फतेहपुर की ऐतिहासिक धरोहरों में गूंजे लोकगीत

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : रविंद्र पारीक

फतेहपुर शेखावाटी : विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग सीकर की ओर से फतेहपुर की ऐतिहासिक धरोहरों जगदीश मंदिर (पोद्दार छतरी) और नेवटिया हवेली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में लोक कलाकारों ने गीत-संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।

जगदीश मंदिर (पोद्दार छतरी) परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोक कलाकारों ने शेखावाटी के पारंपरिक लोकगीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। संगीत और नृत्य के माध्यम से लोगों को क्षेत्र की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक किया गया।

इस दौरान शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल नजर आया। कार्यक्रम में खेमचंद सोनी, सुभाष शर्मा, योगेश सोनी और पर्यटन विशेषज्ञ राजेश शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान देशी पर्यटकों ने जगदीश मंदिर (पोद्दार छतरी) का भ्रमण किया और यहां मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों, भित्ति चित्रों तथा शेखावाटी की कला-संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

पर्यटन विशेषज्ञ राजेश शर्मा ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। हवेलियां, भित्ति चित्र और प्राचीन इमारतें क्षेत्र की पहचान हैं। इनके संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से युवाओं को आगे आकर प्रयास करने चाहिए।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर फतेहपुर की नेवटिया हवेली में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शेखावाटी की पारंपरिक संस्कृति, कला और विरासत को करीब से जाना। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय धरोहरों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ती है और देशी-विदेशी पर्यटकों को शेखावाटी की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

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