बेरी पशु मेले का भव्य आगाज: पाबूजी महाराज की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ मेला, ऊंट-घोड़ों के करतब देखने उमड़ेगा जनसैलाब
बेरी पशु मेले का भव्य आगाज: पाबूजी महाराज की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ मेला, ऊंट-घोड़ों के करतब देखने उमड़ेगा जनसैलाब
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक
बेरी : बेरी गांव में आयोजित बेरी पशु मेला 2026 का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर पाबूजी महाराज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पाबूजी महाराज आश्रम बेरी के सेवादारों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न कराई। मेले के आगाज के साथ ही क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बेरी गांव में पिछले तीन वर्षों से पशु मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में दूर-दराज से आने वाले पशुपालकों और किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। रविवार को बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेले में पहुंचे। मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ पशुपालकों के लिए उपयोगी सामग्री की दुकानें भी सजाई गई हैं।
गणमान्य लोगों ने की शिरकत
शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुबेदानंद सरस्वती, पूर्व विधायक रतन जलधारी, ताराचंद धायल, जितेंद्र, भंवरलाल जांगिड़, किरण मील, दुर्गाप्रसाद मील, भंवर सिंह, सुखदेव प्रसाद, अखिलेश नायक, सुखराम सारसर, विजेंद्र काजला, बीरबल सिंह, कानाराम जाट, रमेश धींवा, प्रभु सिंह शेखावत, कृष्ण कुमार जांगिड़, अनीता देवी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन मनोज गुर्जर एवं विजेंद्र काजला ने किया। इस दौरान मेला कमेटी की ओर से बजरंग सिंह चौहान, कुंभाराम गुर्जर, जेपी पूनिया, हकीलेश, सुखराम सारसर एवं हनुमान सिंह ने सभी अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।

5 अक्टूबर तक चलेगा पशु मेला
बेरी पशु मेला 5 अक्टूबर तक जारी रहेगा। मेले में प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक ऊंटों और घोड़ों के नृत्य एवं करतब आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे। वहीं रात 8 बजे के बाद रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
मेले में सुप्रसिद्ध पशुपालक नेकी राम, मांगीलाल, शीशपाल फौजी और नरपत सिंह अपने ऊंटों व घोड़ों के शानदार करतब और नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
किसानों के उपयोगी सामान की सजी दुकानें
मेले में किसानों और पशुपालकों के दैनिक उपयोग में आने वाले सामान की भी बड़ी संख्या में दुकानें लगाई गई हैं। यहां तिरपाल, रस्सी, दांतली सहित खेती और पशुपालन में काम आने वाली विभिन्न सामग्री उपलब्ध है। दुकानदारों द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
वहीं बच्चों के मनोरंजन के लिए इस बार जलपरी और विभिन्न प्रकार के झूलों की व्यवस्था भी की गई है। इससे पशुपालकों और किसानों के साथ मेले में आने वाले परिवारों और बच्चों के लिए भी मेला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बेरी पशु मेले के शुभारंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में मेले की रौनक दिखाई देने लगी है और आने वाले दिनों में पशुपालकों व दर्शकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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