कांग्रेस-भाजपा में पहले से तय था सभापति प्रत्याशी का नाम:सीकर में कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक और भाजपा में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली
कांग्रेस-भाजपा में पहले से तय था सभापति प्रत्याशी का नाम:सीकर में कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक और भाजपा में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली
सीकर : सीकर में नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा में नामांकन करने वाली दोनों महिलाओं के नाम पहले से तय थे। कांग्रेस की खतीजा बानो के लिए सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने नाम सजेस्ट किया था। वहीं भाजपा प्रत्याशी कंचन खडोलिया को टिकट देने और सभापति के नाम के लिए नामांकन में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली। सीकर में सभापति पद के लिए कांग्रेस से खतीजा बानो और भाजपा से कंचन खडोलिया ने बुधवार को नामांकन किया। सीकर में कांग्रेस के पास बहुमत से ज्यादा आंकड़ा है। वहीं अब भाजपा भी जोड़-तोड़ की राजनीति में लग चुकी है।
खतीजा बानो 1422 वोटों से जीतीं, चौथी बार बनीं पार्षद
खतीजा बानो इस बार चौथी बार पार्षद बनी हैं। इस बार सीकर में सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व थी। ऐसे में इस पद के लिए पहले से ही इनका नाम तय हो चुका था। वार्ड 16 से इन्होंने चुनाव लड़ा, जिसमें 1422 वोटों से इन्होंने जीत हासिल की।
चुनाव में कांग्रेस ने 65 सीटों में 38 सीटों पर जीत हासिल कर ली। जो बहुमत का आंकड़ा 33 से 5 ज्यादा है। चुनाव परिणाम आने के बाद सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने जीते हुए सभी पार्षदों से वन-टू-वन बातचीत की। सभी ने खतीजा बानो का ही नाम सजेस्ट किया। विधायक पारीक ने इस बारे में प्रदेश नेतृत्व को बताया।
प्रदेश नेतृत्व ने यह डिसीजन विधायक पारीक के जिम्मे ही छोड़ दिया। इसके बाद खतीजा बानो से नामांकन भरवाया गया। खतीजा बानो को प्रत्याशी घोषित करने में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक की ही चली। टिकटों का वितरण भी राजेंद्र पारीक ने ही किया था। ऐसे में सभापति प्रत्याशी फाइनल करने में भी प्रदेश नेतृत्व का कोई इंटरफेयर नहीं रहा।
कंचन खडोलिया पहली बार बनीं पार्षद
भारतीय जनता पार्टी ने कंचन खडोलिया को सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। कंचन ने इस बार पहली बार चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने 847 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। इनका परिवार भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत वोटर है। पति मुकेश करीब 15 साल से बूथ मैनेजमेंट का काम देखते आ रहे हैं। कंचन को टिकट देने में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली। वहीं अब सभापति पद का प्रत्याशी बनाने में भी रतनलाल जलधारी की चली। सभापति पद के लिए इनका नाम भी पहले से ही फाइनल था।


सीकर में क्रॉस वोटिंग की संभावना होना बेहद कम
सीकर नगर परिषद में कुल 65 वार्ड हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 33 है। कांग्रेस के पास वर्तमान में 38 सीट हैं, जबकि भाजपा के पास 22, चार निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की सीट है। यदि बीजेपी निर्दलीय और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को अपने साथ लेती है तो भी उनके पास केवल 27 सीट होगी। जो बहुमत के आंकड़े से 6 कम है। वहीं कांग्रेस का बोर्ड बनना कंफर्म है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग होने की संभावना बेहद कम है।
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