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उदयपुरवाटी में निर्दलीयों का दबदबा, कांग्रेस दूसरे नंबर पर


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उदयपुरवाटी में निर्दलीयों का दबदबा, कांग्रेस दूसरे नंबर पर

35 वार्डों में निर्दलीयों ने 13, कांग्रेस ने 11, भाजपा ने 10 और माकपा ने 1 सीट जीती; बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक

उदयपुरवाटी : नगर पालिका चुनाव के 35 वार्डों के परिणाम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे अधिक 13 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस के 11, भाजपा के 10 और माकपा के एक प्रत्याशी ने जीत हासिल की। ऐसे में नगर पालिका में बोर्ड गठन का पूरा गणित निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर करेगा।

चुनाव में सर्वाधिक 646 मत वार्ड 35 से भाजपा के उत्तम ओलखा को मिले। उन्होंने निर्दलीय अजय कुमार सैनी को 235 मतों से हराया। वहीं सबसे बड़ी जीत वार्ड 33 में कांग्रेस के शिवदयाल ने दर्ज की। उन्होंने निर्दलीय विनोद कुमार को 297 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया। वार्ड 20 में भाजपा की नेहा ने कांग्रेस की सुनीता को 272 मतों से हराया, जबकि वार्ड 22 में भाजपा की अनुराधा ने कांग्रेस की सुनिता देवी को 283 मतों से शिकस्त दी।

सबसे रोमांचक मुकाबला वार्ड 4 में रहा, जहां निर्दलीय घनश्याम स्वामी ने कांग्रेस के पूरणमल को महज 3 मतों से हराया। घनश्याम स्वामी को 174 और पूरणमल को 171 मत मिले। वार्ड 17 में कांग्रेस के कुलदीप ने निर्दलीय राधेश्याम को 9 मतों से हराया। वार्ड 13 और 34 में जीत का अंतर भी केवल 12-12 मत रहा।

निर्दलीयों ने वार्ड 1, 2, 4, 7, 9, 11, 12, 13, 14, 15, 18, 19 और 24 में जीत दर्ज कर सबसे बड़ा समूह बनाया। कांग्रेस ने वार्ड 3, 5, 6, 8, 10, 16, 17, 25, 30, 32 और 33 में कब्जा जमाया। भाजपा के प्रत्याशी वार्ड 20, 22, 23, 26, 27, 28, 29, 31, 34 और 35 में विजयी रहे। वार्ड 21 में माकपा के सन्दीप कुमार ने 630 मत हासिल कर भाजपा के रजत कुमार मौर्य को 163 मतों से हराकर अपनी पार्टी का खाता खोला।

बोर्ड गठन के लिए 18 का आंकड़ा

35 सदस्यीय नगर पालिका में बहुमत के लिए 18 पार्षदों की जरूरत होगी। किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। निर्दलीयों के 13 पार्षद होने के कारण वे बोर्ड गठन में सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। कांग्रेस या भाजपा में से जो भी निर्दलीयों का पर्याप्त समर्थन जुटाने में सफल रहेगा, उसके पक्ष में बोर्ड गठन का गणित बन सकता है।

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