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लोहार्गल धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, अमावस्या स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी


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लोहार्गल धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, अमावस्या स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

लोहार्गल धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, अमावस्या स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

लोहार्गल : प्रसिद्ध धार्मिक स्थल लोहार्गल धाम में अमावस्या के अवसर पर आयोजित मेले में श्रद्धा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौबीस कोसीय परिक्रमा पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोहार्गल पहुंचे और पवित्र कुंड में अमावस्या का स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। अमावस्या दो दिन होने के कारण श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार बना रहा और पूरे लोहार्गल धाम में दिनभर भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

अमावस्या स्नान को लेकर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। हर बार की तरह इस बार भी पवित्र कुंड को पर्दा लगाकर दो हिस्सों में किया गया था। एक भाग महिलाओं के स्नान के लिए तथा दूसरा भाग पुरुषों के लिए निर्धारित किया गया। इससे स्नान व्यवस्था सुचारू बनी रही और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

चौबीस कोसीय परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं का लोहार्गल पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान किया और इसके बाद बाबा मालकेतु के दरबार में धोक लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। धाम में उमड़ी भीड़ के चलते बाजारों और मंदिर परिसर के आसपास भी काफी चहल-पहल रही। स्नान और दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने लोहार्गल के प्रसिद्ध अचार की जमकर खरीदारी की। इसके अलावा मेले में लगी विभिन्न दुकानों पर भी लोगों ने खरीदारी की।

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पंचायत, पुलिस एवं प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। वाहनों के लिए अलग से पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे, जिससे मेला क्षेत्र में अनावश्यक जाम की स्थिति नहीं बनी और श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से मेले का आनंद ले सके। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। गोल्याणा से ही वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। इसके आगे श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिसकर्मी एवं प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद नजर आए।

मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी गई। प्रशासन की सक्रियता के चलते मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी हद तक सुचारू बनी रहीं।

लोहार्गल धाम में अमावस्या स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चारों ओर बाबा मालकेतु के जयकारे गूंजते रहे। स्नान, दर्शन और परिक्रमा के बाद श्रद्धालु अपने परिवार के साथ मेले का आनंद लेते नजर आए। अमावस्या के दो दिनों तक श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही के चलते लोहार्गल धाम आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। चौबीस कोसीय परिक्रमा और अमावस्या स्नान के इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया।

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