[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सरकारी स्कूल में कॉन्वेंट जैसा अहसास, प्रिंसिपल सुनील कुमार के नवाचार ने बदली पीएम श्री केड स्कूल की तस्वीर


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

सरकारी स्कूल में कॉन्वेंट जैसा अहसास, प्रिंसिपल सुनील कुमार के नवाचार ने बदली पीएम श्री केड स्कूल की तस्वीर

390 विद्यार्थियों को चार हाउस में बांटा, गुरुवार को हाउस वाइज टी-शर्ट व सलवार-कुर्ता का ड्रेस कोड; भामाशाहों के सहयोग से सर्दियों में ब्लेजर भी पहनेंगे विद्यार्थी

बड़ागांव : सरकारी स्कूलों में बदलाव केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि सोच, इच्छाशक्ति और नवाचार से भी संभव है। इसका उदाहरण केड गांव के पीएम श्री केडिया स्कूल में देखने को मिल रहा है। प्रधानाचार्य सुनील कुमार की पहल से स्कूल में विद्यार्थियों के लिए ऐसा हाउस सिस्टम और ड्रेस कोड लागू किया गया है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चों में भी निजी स्कूलों जैसा आत्मविश्वास और अपनापन नजर आने लगा है।

सरकारी स्कूलों में आमतौर पर गुरुवार को विद्यार्थियों को बिना गणवेश आने की छूट रहती है। ऐसे में बच्चे अलग-अलग तरह के कपड़ों में स्कूल पहुंचते हैं। पीएम श्री केडिया स्कूल में इसी ‘रिलेक्स डे’ को ‘एक्टिविटी डे’ के रूप में विकसित करने की पहल की गई है।

चार हाउस में बांटे 390 विद्यार्थी

प्रधानाचार्य सुनील कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में पदभार संभालने के बाद उन्होंने महसूस किया कि निजी स्कूलों की आकर्षक यूनिफॉर्म देखकर कई बार सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों में हीनभावना पैदा होती है। साथ ही गुरुवार को निर्धारित ड्रेस कोड नहीं होने से विद्यार्थियों में एकरूपता भी नजर नहीं आती थी।

इस समस्या के समाधान के लिए एसडीएमसी सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। इसके बाद स्कूल के 390 विद्यार्थियों को चार हाउस में विभाजित कर हाउस सिस्टम लागू किया गया। अब गुरुवार को छात्र अपने हाउस के अनुसार रंगीन टी-शर्ट, जबकि छात्राएं हाउस वाइज सलवार-कुर्ता पहनकर स्कूल आती हैं। इससे विद्यार्थियों में अलग पहचान के साथ टीम भावना और आपसी प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित हो रही है।

ड्रेस के साथ बढ़ा आत्मविश्वास

हाउस वाइज ड्रेस के कारण स्कूल परिसर में विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। हाउस एक्टिविटी के दौरान विद्यार्थी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। इससे पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थियों की रुचि बढ़ रही है।

प्रधानाचार्य ने बताया कि सर्दियों के लिए भामाशाहों के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए ब्लेजर भी तैयार करवाए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को बेहतर ड्रेस सुविधा मिलने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रिंसिपल सुनील कुमार

भामाशाह निभा रहे जिम्मेदारी

स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने में भामाशाहों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। स्कूल की ओर से हर वर्ष भादवी अमावस्या पर विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है। इसमें विभिन्न गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है।

वहीं, केडिया परिवार के भामाशाहों की ओर से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गोद लेकर उनकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है।

सरकारी स्कूल के बच्चों को भी मिल रहा बेहतर माहौल

पीएम श्री केडिया स्कूल में किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य केवल ड्रेस बदलना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। प्रधानाचार्य और स्कूल स्टाफ की पहल से सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर भी मिल रहे हैं।

नवाचार का यह प्रयास बताता है कि सरकारी स्कूल की पहचान केवल भवन और संसाधनों से नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले शिक्षक और प्रधानाचार्य की सोच से भी बनती है।

Related Articles