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सादुलपुर में हासियावास बांध के विरोध में किसानों का धरना:पूर्व विधायक ने हितों से समझौता करने का आरोप लगाया, कहा-4 महीने में 28 दिन पानी का प्रावधान


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सादुलपुर में हासियावास बांध के विरोध में किसानों का धरना:पूर्व विधायक ने हितों से समझौता करने का आरोप लगाया, कहा-4 महीने में 28 दिन पानी का प्रावधान

सादुलपुर में हासियावास बांध के विरोध में किसानों का धरना:पूर्व विधायक ने हितों से समझौता करने का आरोप लगाया, कहा-4 महीने में 28 दिन पानी का प्रावधान

सादुलपुर : सादुलपुर में हासियावास बांध के विरोध में ग्रामीणों और किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया धरने पर पहुंचीं और किसानों को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर यमुना जल समझौते में राजस्थान के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।

राजस्थान के हितों को सरेंडर करने का आरोप लगाया

पूनिया ने आरोप लगाया- भाजपा सरकार ने साल 1994 के यमुना जल समझौते को ‘खुर्द-बुर्द’ कर राजस्थान के हितों को ‘सरेंडर’ कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र और हरियाणा सरकार के सामने घुटने टेक दिए। मौजूदा समझौते के तहत किसानों को चार महीने में केवल 28 दिन पानी देने का प्रावधान है, जिसे उन्होंने किसानों के हित में नहीं बताया।

पूर्व विधायक ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिल जाता, तब तक वह उनके साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज हुआ, तो पहली लाठी उन पर चलेगी।

किसानों को डीएलसी दर का 25 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग

पूनिया ने बांध के लिए भूमि अधिग्रहण पर किसानों को डीएलसी दर का 25 प्रतिशत मुआवजा देने और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने पहले भी बांध से संबंधित कार्यालय सीकर में खोलने की घोषणा कर राजगढ़ की उपेक्षा की है। चूंकि बांध का निर्माण राजगढ़ में हो रहा है, इसलिए इसका संबंधित कार्यालय भी राजगढ़ में ही खोला जाना चाहिए, ताकि किसानों को असुविधा न हो।

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