भोपालगढ़ गेट का मुद्दा क्यों नहीं बना नगरपालिका चुनाव का मुद्दा?
भोपालगढ़ गेट का मुद्दा क्यों नहीं बना नगरपालिका चुनाव का मुद्दा?
खेतड़ी : नगरपालिका चुनाव को लेकर प्रत्याशी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के सामने अपने-अपने मुद्दे और विकास के विजन रख रहे हैं। कोई सफाई, सड़क, पानी, नाली और बिजली की समस्याओं की बात कर रहा है तो कोई खेतड़ी को आधुनिक शहर बनाने की योजनाएं गिना रहा है। लोकतंत्र में यह अच्छी बात है कि प्रत्याशी जनता के सामने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच भोपालगढ़ गेट का मुद्दा चुनावी चर्चा से लगभग गायब नजर आ रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों?
यह मामला केवल एक गेट या रास्ते का नहीं है। इसके साथ खेतड़ी के विकास, आमजन की सुविधा, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन की संभावनाएं जुड़ी हुई हैं। भोपालगढ़ क्षेत्र खेतड़ी की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुगम एवं निर्बाध आवागमन बेहद जरूरी है।
यदि किसी मार्ग पर ऐसा अवरोध है, जिससे लोगों की आवाजाही और धार्मिक स्थलों तक पहुंच प्रभावित होती है, तो नगरपालिका चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख की अपेक्षा स्वाभाविक है।
प्रत्याशियों से जनता पूछे सवाल
नगरपालिका चुनाव में प्रत्याशियों से पूछा जाना चाहिए कि भोपालगढ़ गेट को लेकर उनका क्या रुख है? क्या वे इस मुद्दे को नगरपालिका स्तर पर उठाएंगे? क्या खेतड़ी के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करेंगे? क्या उनके विकास के एजेंडे में खेतड़ी की ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन भी शामिल है?
खेतड़ी केवल एक नगरपालिका नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और पर्यटन की पहचान रखने वाला शहर है। यदि शहर को पर्यटन के नक्शे पर मजबूत पहचान दिलानी है तो ऐतिहासिक स्थलों, मंदिरों और धार्मिक पर्यटन से जुड़े मार्गों को सुगम बनाना होगा। जिस रास्ते पर स्थानीय नागरिकों की आवाजाही ही सहज नहीं होगी, वहां बाहरी पर्यटक और श्रद्धालु कैसे पहुंचेंगे?
विकास का एजेंडा केवल सड़क-नाली तक सीमित क्यों?
सड़क, नाली, सफाई, पानी और बिजली जैसी समस्याएं निश्चित रूप से नगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारियां हैं। लेकिन चुनावी बहस केवल इन्हीं मुद्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर के भविष्य, ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रत्याशियों को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
आज खेतड़ी को ऐसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है, जो तत्कालीन समस्याओं के समाधान के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए शहर की दिशा तय करने की सोच रखते हों। भोपालगढ़ गेट का समाधान किसी व्यक्ति या संस्था की जीत-हार का विषय नहीं होना चाहिए। इसे खेतड़ी के हित, आमजन की सुविधा, धार्मिक आस्था और पर्यटन विकास के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
नगरपालिका चुनाव में हर प्रत्याशी से एक सीधा सवाल होना चाहिए-“आप खेतड़ी के विकास की बात कर रहे हैं, तो भोपालगढ़ गेट पर आपका स्पष्ट रुख क्या है?”
यदि खेतड़ी को वास्तव में विकसित, सुंदर और पर्यटन की दृष्टि से मजबूत शहर बनाना है, तो ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों को चुनावी बहस से बाहर नहीं रखा जा सकता। खेतड़ी के मतदाताओं को केवल वादे नहीं, स्पष्ट विजन चाहिए। और उस विजन में भोपालगढ़ गेट का मुद्दा भी होना चाहिए।
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