ढाई साल से अजमान जेल में बंद समद, मां की गुहार—‘बस एक बार बेटे को देख लूं’
ढाई साल से अजमान जेल में बंद समद, मां की गुहार—‘बस एक बार बेटे को देख लूं’
झुंझुनूं : रोजी-रोटी कमाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात गए 24 वर्षीय अब्दुल समद के परिवार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। परिवार के अनुसार समद मार्च 2024 में रोजगार के लिए यूएई गया था, लेकिन कंपनी बदलने के बाद वह कथित धोखाधड़ी और कानूनी विवाद में फंस गया। इसके बाद उसे अजमान की केंद्रीय जेल में बंद कर दिया गया। परिवार का दावा है कि वह करीब ढाई साल से जेल में है।
झुंझुनूं की अंसारी कॉलोनी निवासी समद के परिवार ने बताया कि उसे विदेश भेजने के लिए स्थानीय एजेंट को 65 हजार रुपए दिए गए थे। शुरुआती चार महीने तक उसने कंपनी में काम किया, लेकिन बाद में स्थानांतरण के बाद कानूनी विवाद में फंस गया। परिवार का कहना है कि पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी उन्हें अब तक नहीं मिल सकी है।
महीने में एक बार होती है बात
परिवार के मुताबिक जेल से समद की महीने में केवल एक बार फोन पर बात हो पाती है। मां गुलशन बानो का कहना है कि हर फोन कॉल का इंतजार पूरे परिवार को रहता है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा अपने बेटे को एक बार अपनी आंखों से देखने की है।
सरकार से कानूनी मदद की मांग
परिवार ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिजनों की मांग है कि समद को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले की उचित पैरवी कर उसे सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद की जाए।
परिवार का कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला। अब उनकी उम्मीद सरकार से मिलने वाली कानूनी और कूटनीतिक सहायता पर टिकी है।
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