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108 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ का भूमि पूजन के साथ शुभारंभ


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़मंड्रेलाराजस्थानराज्य

108 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ का भूमि पूजन के साथ शुभारंभ

संगीतमय पंचकुंडीय यज्ञ में गूंजे वैदिक मंत्र, अविवाहित कन्याओं का हुआ सम्मान

मंड्रेला : कस्बे के पिलानी रोड स्थित संत श्री बलदेव दास जी आश्रम परिसर में रविवार को 108 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ महोत्सव का भूमि पूजन एवं संगीतमय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन को लेकर गायत्री परिवार सहित सर्व समाज में उत्साह नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भामाशाह डॉ. विधान टी. रावल एवं उनकी धर्मपत्नी हिना रावल ने विधि-विधान से पूजन एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद दंपती ने कार्यक्रम में मौजूद अविवाहित कन्याओं का सम्मान किया।

पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञकुंड में आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि और राष्ट्र कल्याण की कामना की। संगीतमय भजनों के साथ प्रवचन भी हुए। संतों एवं वक्ताओं ने गायत्री साधना, यज्ञ की महत्ता, संस्कार, सेवा, सद्भाव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।

आयोजकों ने बताया कि 108 कुंडीय महायज्ञ मंड्रेला सहित झुंझुनूं जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए आध्यात्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन होगा। इसमें सर्व समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गायत्री शक्ति पीठ समन्वयक देवेन्द्र सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा-सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पहुंचाने का माध्यम है।

व्यवस्थापक रमेश तुलस्यान ने कहा कि गायत्री महायज्ञ भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। यज्ञ से सकारात्मक विचारों का संचार होने के साथ समाज में एकता एवं सद्भाव मजबूत होता है। उन्होंने सर्व समाज से महायज्ञ में बढ़-चढ़कर सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में महाआरती हुई और प्रसादी वितरण के साथ आयोजन का समापन किया ग

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