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सीकर कलेक्ट्रेट पर 10 अगस्त को किसानों का बड़ा प्रदर्शन:’कंपनियां भारत छोड़ो’ नारे के साथ देंगे गिरफ्तारी; रींगस के गांवों में जनसंपर्क कर जुटाई भीड़


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सीकर कलेक्ट्रेट पर 10 अगस्त को किसानों का बड़ा प्रदर्शन:’कंपनियां भारत छोड़ो’ नारे के साथ देंगे गिरफ्तारी; रींगस के गांवों में जनसंपर्क कर जुटाई भीड़

सीकर कलेक्ट्रेट पर 10 अगस्त को किसानों का बड़ा प्रदर्शन:'कंपनियां भारत छोड़ो' नारे के साथ देंगे गिरफ्तारी; रींगस के गांवों में जनसंपर्क कर जुटाई भीड़

रींगस : अखिल भारतीय किसान सभा और मजदूर यूनियन सीटू (CITU) आगामी 10 अगस्त को सीकर कलेक्ट्रेट पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन और गिरफ्तारी आंदोलन करने जा रहे हैं। यह आंदोलन ‘कंपनियां भारत छोड़ो’ अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है।

इस बड़े आंदोलन को सफल बनाने के लिए गुरुवार को रींगस तहसील के विभिन्न गांवों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों को आंदोलन से जुड़ने और अपनी मांगों को बुलंद करने का न्योता दिया गया।

गांवों में नुक्कड़ नाटक और सभाएं आयोजित

किसान और मजदूर संगठनों की ओर से रींगस तहसील के सरगोठ, गढ़ी, लाखनी, धीरजपुरा, भवानीपुरा, चौमूपुरोहितान, सन्तोसपुरा, लाम्पुआ, परसरामपुरा और गणपति धाम सहित कई गांवों और ढाणियों में जनसंपर्क किया गया। इस दौरान जगह-जगह नुक्कड़ नाटक और सभाएं आयोजित कर लोगों को आंदोलन के उद्देश्यों के बारे में जागरूक किया गया।

किसान सभा के तहसील अध्यक्ष केशाराम धायल ने बताया कि यह आंदोलन 13 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा- यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसे साल 1942 के ऐतिहासिक ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन’ की तर्ज पर ‘बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत छोड़ो आंदोलन’ के रूप में पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर शुरू किया जा रहा है।

जनसंपर्क में ये नेता रहे मौजूद

इस जनसंपर्क अभियान के दौरान किसान सभा के तहसील अध्यक्ष केशाराम धायल, तहसील सचिव भूदाराम बगड़िया, सूरजभान धायल, मदनलाल बाजिया, सागरमल धायल, सुरेश महला और सुरेंद्र डोडवाडिया सहित कई किसान और मजदूर नेताओं ने सभाओं को संबोधित किया और 10 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में सीकर पहुंचने का आह्वान किया।

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