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मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा उप जिला अस्पतालों में बनेंगे रामाश्रय वार्ड


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मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा उप जिला अस्पतालों में बनेंगे रामाश्रय वार्ड

वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगी पृथक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं

झुंझुनूं : जिले के मलसीसर, खेतड़ी और चिड़ावा उप जिला चिकित्सालयों में रामाश्रय कार्यक्रम के तहत समर्पित रामाश्रय वार्ड एवं ओपीडी क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। इन वार्डों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पृथक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि उप जिला चिकित्सालय खेतड़ी, चिड़ावा और मलसीसर के रामाश्रय वार्ड के नोडल अधिकारियों को 31 जुलाई को जिला चिकित्सालय नवलगढ़ में संचालित रामाश्रय वार्ड का एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट कराया गया। इस दौरान अधिकारियों ने वार्ड की कार्यप्रणाली, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, रिपोर्टिंग व्यवस्था, मॉनिटरिंग प्रणाली, रजिस्टर संधारण तथा अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने बताया कि एक्सपोजर विजिट के बाद संबंधित नोडल अधिकारी अपने-अपने उप जिला चिकित्सालयों में दो दिवस के भीतर नवलगढ़ मॉडल के अनुरूप रामाश्रय वार्ड एवं ओपीडी क्लीनिक का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को एक ही स्थान पर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

डॉ. गुर्जर ने कहा कि सभी नोडल अधिकारियों को रामाश्रय कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि रामाश्रय कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जेरियाट्रिक (वृद्धजन) स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। अलग वार्ड एवं ओपीडी क्लीनिक की व्यवस्था होने से वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार, स्वास्थ्य परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे उनकी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और उपचार की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

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