100 फीट गहरे सूखे कुएं से बकरी का रेस्क्यू:घांघू गांव में दो दिन बाद युवाओं ने लोरिंग मशीन और रस्सी की मदद से बचाई जान
100 फीट गहरे सूखे कुएं से बकरी का रेस्क्यू:घांघू गांव में दो दिन बाद युवाओं ने लोरिंग मशीन और रस्सी की मदद से बचाई जान
घांघू : घांघू गांव में बुधवार को ग्रामीणों और युवाओं की सूझबूझ व साहस से एक बकरी को वर्षों पुराने सूखे कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बकरी करीब दो दिन पहले गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर घूमरानी जोहड़ी स्थित पेयजल के लिए बने पुराने कुएं में गिर गई थी और वहीं फंसी हुई थी।
बकरी के कुएं में गिरने की सूचना मिलने पर गांव के युवा मौके पर पहुंचे। कुएं से लगातार आ रही बकरी की आवाज सुनकर उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
झाड़ियां हटाकर बनाया रास्ता, रस्सी के सहारे उतरे युवक
रेस्क्यू से पहले युवाओं ने कुएं के आसपास उगी झाड़ियों को साफ कर लोरिंग मशीन लगाने के लिए जगह तैयार की। इसके बाद राजू दर्जी की लोरिंग मशीन की मदद से पूरणमल धानक रस्सी के सहारे करीब 100 फीट गहरे कुएं में उतरे और बकरी को सुरक्षित बांध दिया। ऊपर मौजूद युवाओं ने सावधानीपूर्वक उसे बाहर खींच लिया।
तेज उमस और कठिन परिस्थितियों के बावजूद युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी और सफलतापूर्वक बकरी को नया जीवन दिया। बाहर निकालने के बाद बकरी पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ मिली।
सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद भार्गव ने बताया कि सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। उन्होंने पूरणमल धानक के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास मानवता और पशु प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रेस्क्यू अभियान में सुनील कुमार जांगिड़, राजकुमार दर्जी, किशनलाल धानक, कासमअली कायमखानी, चिमन धानक, रामसिंह, जाहिद सहित कई युवाओं ने सक्रिय सहयोग किया।
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