सीजेपी का आरोप ‘समझौता तोड़ रही सरकार’, कपिल सिब्बल करेंगे छात्रों की कानूनी मदद
सीजेपी का आरोप ‘समझौता तोड़ रही सरकार’, कपिल सिब्बल करेंगे छात्रों की कानूनी मदद
नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार 27 जुलाई को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वकील राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि
1. CJP आंदोलन में शामिल होने वाले सभी छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाएगी। कपिल सिब्बल भी उसमें मदद करेंगे।
2. आंदोलनकारी छात्रों की कानूनी सहायता के लिए पूरे देश में वकीलों का नेटवर्क बनाया जाएगा। एक वेबसाइट बनाई जाएगी जिसके जरिए कानूनी सहायता के लिए छात्र और वकील सीजेपी से जुड़ सकते हैं।
3. कानूनी सहायता वाले काम के लिए कपिल सिब्बल ने सीजेपी को 1 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।
4. जिन मांगों पर सरकार के साथ समझौता हुआ था अगर सरकार वो वादा तोड़ती है तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
25 जुलाई को जब सीजेपी और सरकार का समझौता हुआ था और आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है थी तब सरकार से CJP की एक मांग यह भी थी कि आंदोलन के दौरान दिल्ली और बीजेपी शासित अन्य राज्यों में आंदोलनकारियों के ख़िलाफ़ जितनी भी FIR हुई है सरकार उनके बारे में CJP को बताएगी और वो सब FIR वापस ली जाएगी। किसी भी आंदोलनकारी पर कहीं भी कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। लेकिन असम, बिहार, बंगाल कई राज्यों से छात्रों पर कार्यवाही की खबरें आ रही है, इसको देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार अपने वादे से मुकर गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी गई है। दो दिन पहले सरकार के साथ सहमति बनने के बाद जंतर-मंतर पर धरना खत्म करने वाली CJP ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न राज्यों में छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारियां अभी भी जारी हैं।
CJP में अभी कानूनी मामलों को देख रही (लीगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट) रत्ना ने कहा कि सरकार ने वादे के विपरीत जाकर पश्चिम बंगाल, बिहार और असम जैसे राज्यों में कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। बिहार में तो छात्रों पर अटेम्प्ट टू मर्डर (हत्या का प्रयास) की धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि गिरफ्तार किए गए छात्रों को तुरंत राहत नहीं मिली और पुलिस का दमन चक्र नहीं रुका, तो वे देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने घोषणा की कि वे CJP के कानूनी मामलों को संभालेंगे और पीड़ित छात्रों को पूरी कानूनी मदद प्रदान करेंगे। कपिल सिब्बल ने पीड़ित छात्रों की कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।
CJP प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने बताया कि सीजेपी की वेबसाइट पर ही एक नया ऑनलाइन पोर्टल “साक्षी” नाम से लॉन्च किया है। इसके जरिए पीड़ित छात्र जिनके साथ पुलिस ने बर्बरता की है वो उस बर्बरता के फोटो, अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी, पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो और अपनी शिकायतें सीधे साझा कर सकते हैं।
इससे पहले, नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर 20 जून से चल रहे धरने प्रदर्शन के बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद, शनिवार को सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की वार्ता सफल रही थी और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने व अन्य मांगों पर सहमति बनने के बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान किया था। हालांकि, आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने सरकार पर वादे से मुकरने की बात कही है।
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