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जंतर मंतर पर खाना खिलाने वाले जुनैद और उनके परिवार को पुलिस कर रही परेशान


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जंतर मंतर पर खाना खिलाने वाले जुनैद और उनके परिवार को पुलिस कर रही परेशान

जंतर मंतर पर खाना खिलाने वाले जुनैद और उनके परिवार को पुलिस कर रही परेशान

नई दिल्ली : जुनैद उन प्रदर्शनकारियों में से एक है जिसने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान जुनैद ने प्रदर्शनकारियों के लिए मुफ्त खाना, चाय और पानी की व्यवस्था की थी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को मुफ्त खाना और पानी बांटने वाले मोहम्मद जुनैद के परिवार पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर कार्रवाई करने का मामला सामने आया है। जुनैद ने आरोप लगाया है कि उनके सामाजिक कार्य के कारण उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि उन्होंने सिर्फ सामान्य पूछताछ की थी।
जुनैद जंतर मंतर पर खाना खिलाते हुए
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र (नाहल गांव) के रहने वाले मोहम्मद जुनैद जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में पिछले 34 दिनों से मुफ्त खाना, चाय और पानी बांट रहे थे। जुनैद का आरोप है कि पुलिस उनके घर पहुंची और उनके पिता (मुस्तफा) व छोटे नाबालिग भाई को जबरन हिरासत में ले लिया। जुनैद के अनुसार, पुलिस ने घर की तलाशी ली और उनके परिवार के जरूरी दस्तावेज, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक भी अपने साथ ले गई। जुनैद ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मेरठ में रहने वाली उनकी बहन के घर भी पहुंची और वहां से उनके ससुर और देवर को उठा ले गई।
जुनैद ने मीडिया में दावा किया कि पुलिस ने उनके घरवालों से कहा कि जब जुनैद खुद थाने हाजिर होगा, तभी परिवार के लोगों को छोड़ा जाएगा। जुनैद ने भावुक होकर सवाल उठाया, “मेरा अपराध क्या है? क्या प्रदर्शनकारियों को पानी और खाना खिलाना कोई गुनाह है?”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्थानीय मसूरी थाना पुलिस ने हिरासत में लेने के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे केवल मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ करने गए थे। मेरठ के पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि सोशल मीडिया पर दावों के बाद सभी थानों से पुष्टि की गई है, और मेरठ जिले में जुनैद के किसी भी रिश्तेदार को हिरासत में नहीं लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर आने वाले खाने के रैपर्स और पैकेजिंग के जरिए उन रेस्टोरेंट्स और सप्लायर्स की जांच कर रही है जो प्रदर्शन स्थल पर भारी मात्रा में मुफ्त भोजन भेज रहे थे।
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि यूपी पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय उनके वालंटियर जुनैद के परिवार को परेशान कर रही है। उन्होंने जुनैद के परिवार को पूरी कानूनी मदद देने का भरोसा दिया है। आइसा (AISA) और अन्य छात्र नेताओं ने बयान जारी कर इस पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह अवैध और असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश बताया है।
APCR की टीम जुनैद के परिवार के साथ
‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ (APCR) के वकीलों और प्रतिनिधियों की एक टीम ने जुनैद के परिवार से मुलाकात की और मसूरी थाना प्रभारी से बात कर परिवार को कानूनी सुरक्षा की गारंटी दी है।
APCR के प्रतिनिधिमंडल ने जुनैद के परिवार से मुलाकात की और मामले के साथ-साथ जुनैद के एक अन्य परिजन की हिरासत की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। टीम ने परिवार की चिंताओं को सुना, संबंधित जानकारी एकत्र की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले को पूरी गंभीरता से उठाया जाएगा।
APCR की टीम SHOथाना मसूरी के साथ
अपने हस्तक्षेप के तहत, APCR के प्रतिनिधिमंडल ने 25 जुलाई 2026 को थाना मसूरी, जिला गाजियाबाद के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) से भी मुलाकात की। इस दौरान मामले पर चर्चा की गई और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
इस प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट नदीम अख्तर, एडवोकेट मुजीबुर रहमान, एडवोकेट अफसर चौधरी, एडवोकेट मोहसिन चौधरी और एडवोकेट गुलफाम सिद्दीकी शामिल थे।
APCR ने जुनैद और उनके परिवार के साथ खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उन्हें पूर्ण कानूनी एवं संगठनात्मक सहायता देने का आश्वासन दिया। संगठन ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएगा और न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद करता रहेगा।
जुनैद APCR के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान के साथ
APCR के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान ने बताया कि जुनैद काफ़ी पहले से APCR के प्रोग्राम में आते रहे है और कहते रहते थे की एलएलबी के बाद आपके साथ काम करेंगे इस बीच में कॉकरोच प्रोटेस्ट से वो जुड़ गए। जंतर मंतर पर कुत्ते के काटने के बाद जब वो इलाज के लिए अस्पताल गए तो पुलिस ने उनको उठा लिया और देहरादून जाकर छोड़ा गया वो भी NSA की धमकी के साथ।
उन्होंने बताया कि देहरादून से जब जुनैद ने हमें फ़ोन किया तो हमने उनसे कहा वापस दिल्ली आइए हम लोग देखते है। आज 26 जुलाई को पूरी बातचीत के बाद कल हम अदालत का रुख़ करेंगे उनसे कहा है डरे नहीं खाना ही खिलाया है कोई चोरी डकैती नहीं की है। हम मज़बूती से उनकी लड़ाई लड़ेंगे। कल हमारी टीम उनके गाँव और मसूरी थाने में भी गई थी। एडवोकेट नदीम अख़्तर की लीडरशिप में SHO से कह दिया था की अब दुबारा तंग करने की कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।

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