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जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में चूरू में कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम का पुतला फूंका, नेताओं ने दी गिरफ्तारियां


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जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में चूरू में कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम का पुतला फूंका, नेताओं ने दी गिरफ्तारियां

जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में चूरू में कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम का पुतला फूंका, नेताओं ने दी गिरफ्तारियां

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवा संगठनों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अभद्रता के विरोध में चूरू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए कई नेताओं ने अपनी गिरफ्तारियां भी दीं।

कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

चूरू में आपणी योजना स्थित जिला कलेक्ट्रेट के पास शहर ब्लॉक अध्यक्ष असलम खोखर और देहात ब्लॉक अध्यक्ष किशोर दांदू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और छात्रों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज दबा रही है केंद्र सरकार।

शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक को बनाया मुद्दा

प्रदर्शन का केंद्र बिंदु शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई रहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘लोकतंत्र में आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार’

पीसीसी सचिव रियाजत खां ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने पुलिस लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि जो युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहे हैं, उन पर बल प्रयोग करना अस्वीकार्य है। उन्होंने सरकार से दमन की बजाय संवाद का रास्ता अपनाने और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

‘छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश’

पूर्व सभापति गोविन्द महनसरिया ने पुलिस कार्रवाई को छात्रों की आवाज दबाने की साजिश बताते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों का जवाब लाठीचार्ज नहीं हो सकता।

कई नेताओं ने दी गिरफ्तारियां

प्रदर्शन के बाद शहर अध्यक्ष असलम खोखर, रियाजत खान, शिवकुमार शर्मा, संजय भाटी, दिलावर खान, नारायण बालान, आदुराम न्योल, चंद्रप्रकाश, सिराज जोइया, अजीज खान, असलम मोयल, समीउल्लाह, तौफीक खान, विक्रम भाट, नोमान सयद, इस्माइल भाटी और अली मोहम्मद भाटी सहित कई कांग्रेस नेताओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारियां देकर विरोध दर्ज कराया।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए कई नेताओं ने अपनी गिरफ्तारियां भी दीं।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन में आशाराम सैनी, मो. हुसैन निर्बाण, धमेन्द्र बुडानिया, आदूराम न्यौल, रमजान खां, शिवकुमार शर्मा, सोहनलाल मेघवाल, असलम खां मोयल, रामप्रताप कांटीवाल, नारायण बालाण, विमल शर्मा, अली मोहम्मद भाटी, हमीद खां रिसालदार, जंगशेर खां भुवाण, चन्दनमल मेघवाल, शेरखां मलखाण, पलाराम मेघवाल, बनवारी लाल, चन्द्रप्रकाश सैनी, गणेश लाटा, सूर्यप्रकाश, विद्याधर मेघवाल, वाहिद अली, आबिद खां मोयल, जाफर खां, अंजनी शर्मा, आमीन खां, रामचन्द्र सुण्डा, बाबू मंत्री, नौमान सैयद, अनीस खां, नीरज शर्मा, समीउल्लाह गौरी, अजीज खां, बजरंग बजाड, आबीद खां जाबासरिया, हुणताराम, रामेश्वर नायक, तारिख नागौरी और जंगशेर खां पीथीसर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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