किसान महापंचायत की बैठक,कोटपुतली-किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस वे रद्द की मांग:बोले- जान देंगे, पर जमीन नहीं देंगे, पहले भी हुआ था विरोध
किसान महापंचायत की बैठक,कोटपुतली-किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस वे रद्द की मांग:बोले- जान देंगे, पर जमीन नहीं देंगे, पहले भी हुआ था विरोध
रींगस : रींगस के सरगोठ गांव में रविवार शाम किसान महापंचायत की बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोटपुतली-किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस वे को रद्द करने की मांग उठाना था। राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने एक स्वर में कहा, “जान देंगे, पर जमीन नहीं देंगे।” उन्होंने आगे की रणनीति पर भी चर्चा की।
किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेस वे के विरोध में पहले भी ट्रैक्टर रैलियां और जनसुनवाई जैसे विभिन्न प्रदर्शन किए जा चुके हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री से किशनगढ़-अजमेर से कोटपुतली तक प्रस्तावित ग्रीन एक्सप्रेसवे को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। महापंचायत ने सरकार से ‘खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम’ के विजन पर ध्यान देने की भी अपील की। उनका मानना है कि यह किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, महामंत्री सुंदरलाल भावरिया, प्रदेश मंत्री ज्ञानचंद मीणा, बत्तीलाल बैरवा, मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणियां, सीकर जिला अध्यक्ष कैप्टन बलदेव यादव, अजमेर जिला अध्यक्ष प्रहलाद, जयपुर जिला अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, नीमकाथाना तहसील अध्यक्ष श्रीकृष्ण कुमार यादव, किशनगढ़ तहसील अध्यक्ष मोहनलाल बगरिया, रेनवाल तहसील अध्यक्ष राजेंद्र यादव, चौमू तहसील अध्यक्ष भगवान मिठारवाल, फुलेरा तहसील अध्यक्ष झालूराम, गोपेश, श्यामलाल, बनवारीलाल स्वामी, गिरधारीलाल, शंकरलाल यादव, बाबूलाल जाखड़ सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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