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श्योलपुरा के युवक ने 8 साल में 1500 पेड़ उगाए:अपने खर्च पर टैंकर से पानी डलवाकर कर रहे देखभाल, बोले- पौधे हमारे जीवन का आधार


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श्योलपुरा के युवक ने 8 साल में 1500 पेड़ उगाए:अपने खर्च पर टैंकर से पानी डलवाकर कर रहे देखभाल, बोले- पौधे हमारे जीवन का आधार

श्योलपुरा के युवक ने 8 साल में 1500 पेड़ उगाए:अपने खर्च पर टैंकर से पानी डलवाकर कर रहे देखभाल, बोले- पौधे हमारे जीवन का आधार

खेतड़ी : खेतड़ी क्षेत्र के श्योलपुरा गांव के पूर्व सरपंच एवं पर्यावरण प्रेमी हुक्मीचंद मेहरड़ा ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने वर्ष 2018 में लगभग 2000 पौधे लगाए थे, जिनमें से 1500 से अधिक पौधे अब पेड़ बन चुके हैं। इन पेड़ों की देखभाल और सिंचाई के लिए वे अपने निजी खर्च पर पानी के टैंकर मंगवाते हैं।

मेहरड़ा ने बताया कि उन्हें पौधारोपण की प्रेरणा अपने पिता से मिली थी। इसी प्रेरणा से उन्होंने आठ वर्ष पहले बरगद, पीपल, बेल, जामुन, नीम, शीशम, पापड़ी, आम, गुलमोहर, अमरूद और अनार सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब 2000 पौधे लगाए थे। ये पौधे मुक्तिधाम, शिव मंदिर, राजकीय विद्यालय, समाज कल्याण भवन और जोहड़ों के आसपास रोपे गए थे।

उनका कहना है कि पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बरसात के दिनों को छोड़कर, विशेषकर गर्मी के मौसम में, वे पौधों को पानी उपलब्ध कराने के लिए 500-500 रुपये में पानी के टैंकर मंगवाते हैं। कई बार वे स्वयं भी पौधों में पानी डालते हैं और अपने खर्चे से सिंचाई करवाते हैं, ताकि पौधे सुरक्षित रह सकें।

पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए हुक्मीचंद मेहरड़ा ने शिव मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र और समाज कल्याण भवन परिसर में लगाए गए पौधों के आसपास तारबंदी भी करवाई है। इसके अतिरिक्त, वे समय-समय पर पेड़ों की खुदाई, सफाई और अन्य आवश्यक देखभाल कार्य स्वयं एवं अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करवाते हैं, जिससे पौधों का बेहतर विकास सुनिश्चित हो सके।

हुक्मीचंद मेहरड़ा का मानना है कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाकर उनकी बच्चों की तरह देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और इनके संरक्षण से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल पाएगा। इस कार्य में पूर्व थानेदार भंवर सिंह, मांगूराम तंवर, अमित कुमार, भूपेंद्र शर्मा, लीलाधर तंवर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य चुन्नीलाल, विजेंद्र कुमार मेहरड़ा, राकेश तनानिया और जितेंद्र सिंह का विशेष सहयोग रहता है।

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