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सीकर में कृषि विभाग टीम से मारपीट पर सियासी संग्राम: डोटासरा ने लगाए कमीशनखोरी के आरोप, किरोड़ी बोले- साबित कर दो, इस्तीफा दे दूंगा


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सीकर में कृषि विभाग टीम से मारपीट पर सियासी संग्राम: डोटासरा ने लगाए कमीशनखोरी के आरोप, किरोड़ी बोले- साबित कर दो, इस्तीफा दे दूंगा

डिकॉय टीम पर हमले को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने; नकली बीज कार्रवाई, उगाही के आरोप और मारपीट मामले ने पकड़ा तूल

सीकर : कृषि विभाग की डिकॉय टीम के दो सदस्यों के साथ हुई मारपीट के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कृषि विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि छापेमारी करने वाली टीमें ही कमीशनखोरी और सौदेबाजी में लिप्त हों तो ऐसी कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर डर दिखाकर वसूली का खेल खेला जा रहा है और सरकार इस पर चुप है।

इसके जवाब में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि यदि डोटासरा उनके ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध कर दें तो वे तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि वे जीवनभर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे हैं और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

किरोड़ी बोले- नकली बीजों के खिलाफ चल रही थी कार्रवाई

किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि 26 मई को ऑपरेशन डिकॉय के तहत सीकर और गोविंदगढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान एक बीज कंपनी से फंगस लगे मूंगफली के कथित नकली बीज जब्त किए गए थे और बिक्री पर रोक लगाने के साथ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के बाद डिकॉय टीम के सदस्य किसान बनकर अन्य सूचनाएं जुटा रहे थे। इसी दौरान एक बीज व्यापारी ने कथित साजिश के तहत उन्हें एक स्थान पर बुलाकर पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाया और कई लोगों के साथ मिलकर टीम के सदस्यों से मारपीट की।

व्यापारी ने लगाए उगाही के आरोप

दूसरी ओर, सीकर के एक बीज व्यापारी ने पुलिस को दिए परिवाद में आरोप लगाया है कि टीम के दोनों सदस्य खुद को कृषि मंत्री का ओएसडी बताकर रेड नहीं करने के बदले 20 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। व्यापारी का कहना है कि इसी विवाद के बाद मामला बढ़ा।

क्या है पूरा मामला?

  • 3 जून को कृषि विभाग की डिकॉय टीम को सीकर में पॉलीहाउस खेती के लिए बेचे जा रहे बीजों की जांच का इनपुट मिला।
  • एग्रीकल्चर सुपरवाइजर संदीप और रजनीश जानकारी जुटाने सीकर पहुंचे।
  • 4 जून को दोनों को एक होटल में बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित रूप से मारपीट हुई।
  • 5 जून को टीम सदस्य संदीप ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
  • वहीं बीज व्यापारी ने भी उगाही और धमकी देने का परिवाद पुलिस को सौंपा है।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। मामला अब केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कृषि विभाग की कार्रवाई, कथित उगाही और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कारण प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

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