सड़क किनारे मिला मेडिकल कचरे का अंबार:महंगी एंटीबायोटिक दवाओं की शीशियां मिली, कार्रवाई की मांग
सड़क किनारे मिला मेडिकल कचरे का अंबार:महंगी एंटीबायोटिक दवाओं की शीशियां मिली, कार्रवाई की मांग
नवलगढ़ : नवलगढ़ के मोहब्बतसर गांव के पास सड़क किनारे बड़ी मात्रा में मेडिकल कचरा और महंगी एंटीबायोटिक दवाओं की शीशियां मिली हैं। इस घटना से क्षेत्र में चिंता फैल गई। ग्रामीणों ने सड़क किनारे बिखरी सैकड़ों शीशियां और अन्य मेडिकल अपशिष्ट देखकर इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी।
मौके पर मिली शीशियों में ‘मेरोपेनेम एवं सलबैक्टम फॉर इंजेक्शन 1.5 ग्राम’ (Meropenem & Sulbactam for Injection 1.5 gm) नामक इंजेक्शन की वायल भी शामिल हैं। यह दवा गंभीर संक्रमणों के उपचार में उपयोग की जाने वाली एक शक्तिशाली और महंगी एंटीबायोटिक मानी जाती है।
नियमों की अनदेखी करते हुए यहां फेंका
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में दवा की शीशियां और मेडिकल कचरा खुले में पड़ा होना गंभीर चिंता का विषय है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि किसी अस्पताल, नर्सिंग होम या अन्य स्वास्थ्य संस्थान से निकले बायो-मेडिकल वेस्ट को नियमों की अनदेखी करते हुए यहां फेंक दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के तहत ऐसे अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद खुले में मेडिकल वेस्ट डंप करना गंभीर लापरवाही है।
जांच की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सड़क किनारे पड़े इस खतरनाक अपशिष्ट को तत्काल हटाया जाए। अस्पताल के पीएमओ डॉ. महेंद्र सबलानिया ने भी कहा कि दवा की शीशी ऐसे फेंकना गलत है।
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