प्राचीन मंदिर को लेकर बढ़ा विवाद, देवस्थान विभाग में हस्तांतरण के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
प्राचीन मंदिर को लेकर बढ़ा विवाद, देवस्थान विभाग में हस्तांतरण के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक
झाझड़ : क्षेत्र के प्राचीन श्री रेवतिया बालाजी मंदिर को देवस्थान विभाग के अधीन करने की चल रही प्रक्रिया का ग्रामीणों ने विरोध किया है। मंगलवार को ग्रामीण एवं पुजारी परिवार के सदस्य पंचायत भवन पहुंचे और ग्राम सेवक को लिखित आपत्ति सौंपकर मंदिर को पूर्व की भांति ग्रामीणों के प्रबंधन में ही संचालित रखने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर का संचालन, रखरखाव और विकास कार्य वर्षों से गांव के भामाशाहों और ग्रामीणों के सहयोग से होता आ रहा है। मंदिर के सभी खर्चों का वहन भी ग्रामीणों द्वारा किया जाता है। वहीं, मंदिर में सेवा करने वाले पुजारी परिवार के जीवन-यापन के लिए भी भामाशाहों ने कृषि भूमि मंदिर के नाम समर्पित कर रखी है।
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में कुछ लोगों द्वारा एक ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से मंदिर एवं उसकी चल-अचल संपत्ति को देवस्थान विभाग को सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर गांव की आस्था का केंद्र है और इसका प्रबंधन पहले की तरह ग्रामीणों के हाथों में ही रहना चाहिए।
इस संबंध में ग्राम सेवक को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्राम सेवक ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले से उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को अवगत कराया जाएगा तथा उनकी आपत्ति संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
इस दौरान पवन कुमार स्वामी, विद्या देवी स्वामी, रमाकांत स्वामी, विकास स्वामी, नानूराम सैनी, मिट्ठूराम स्वामी, गीता देवी, दिलीप कुमार स्वामी, पवन सैनी, सोनू स्वामी, जयप्रकाश स्वामी, प्रकाश स्वामी, चंद्राराम गुर्जर, दिनेश सैनी, संदीप सैनी, सुलोचना देवी, कमल कुमार भार्गव, रोहिताश मेघवाल, नितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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