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बाईसा स्नेहमिलन समारोह का आगाज


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

बाईसा स्नेहमिलन समारोह का आगाज

पीढ़ियों का मिलन, संस्कृति का सम्मान और रिश्तों की नई ताजगी

झुंझुनूं : बदलते दौर में जहां पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। वहीं जिले के सुलताना कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय बाईसा स्नेहमिलन समारोह ने पीढ़ियों को जोड़ने और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संदेश दिया।

मालुपुरा रोड स्थित जमवाय माता गेस्ट हाउस परिसर में मंगलवार को समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। जहां वर्षों बाद अपने मायके और गांव पहुंची बहन-बेटियों के स्वागत से भावनात्मक माहौल बन गया।राजपूत समाज की महिलाओं के सम्मान, सहभागिता और सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बाहर से आई बहन-बेटियों का पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया।

समारोह की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। जिसके बाद उपस्थित महिलाओं ने आपसी परिचय और संवाद के माध्यम से पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत किया। आयोजकों के अनुसार इस स्नेहमिलन में बाड़मेर, करौली, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, जैसलमेर, राजसमंद, सिरोही, चूरू, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, सीकर सहित विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्यप्रदेश से करीब 300 विवाहित बहन-बेटियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें कई महिलाएं ऐसी हैं। जो लंबे समय बाद अपने गांव पहुंची हैं। ऐसे में यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और पारिवारिक जुड़ाव का उत्सव बन गया है।

आयोजन समिति के गजेन्द्र सिंह टिके ने बताया की समारोह के दूसरे दिन सामाजिक संवाद, पारंपरिक राजस्थानी भोजन, देव दर्शन यात्रा, भजन संध्या, ग्राम भ्रमण, महिला प्रतिभा एवं खेल प्रतियोगिताएं, लोकगीत और घूमर नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन होंगे। आयोजकों का कहना है कि बाईसा स्नेहमिलन समारोह का उद्देश्य केवल मेल-मिलाप तक सीमित नहीं है। बल्कि समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रिश्तों की गर्माहट, परंपराओं की खुशबू और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अनूठा संगम बनकर उभर रहा है।

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