[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

डाडा फतेहपुरा पीएचसी 14 साल बाद भी अधूरा:1.60 करोड़ खर्च, भवन खंडहर में तब्दील


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

डाडा फतेहपुरा पीएचसी 14 साल बाद भी अधूरा:1.60 करोड़ खर्च, भवन खंडहर में तब्दील

डाडा फतेहपुरा पीएचसी 14 साल बाद भी अधूरा:1.60 करोड़ खर्च, भवन खंडहर में तब्दील

खेतड़ी : खेतड़ी उपखण्ड की ग्राम पंचायत डाडा फतेहपुरा में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत पीएचसी भवन 14 साल बाद भी अधूरा है। वर्ष 2013 में स्वीकृत यह परियोजना अब खंडहर में तब्दील होती दिख रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

तत्कालीन ऊर्जा एवं जलदाय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने वर्ष 2013 में इस पीएचसी भवन को मंजूरी दी थी। ग्रामीणों के अनुसार, यह स्वीकृति लाली देवी पत्नी स्व. बाबू सिंह निर्वाण के विशेष आग्रह पर दी गई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

कार्य तीन बार शुरू होकर बंद

निर्माण कार्य तीन बार शुरू होकर बंद हो चुका है। शुरुआत में स्थान विवाद के कारण काम रुका था। बाद में नालपुर रोड स्थित रेलवे लाइन के पास नई भूमि आवंटित कर निर्माण दोबारा शुरू किया गया, लेकिन कुछ समय बाद यह कार्य भी ठप हो गया।

बिलायती कीकर और जंगली झाड़ियां उगी

आज अधूरे भवन के चारों ओर बिलायती कीकर और जंगली झाड़ियां उग चुकी हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सरकार और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

1.60 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी भवन खंडहर

ग्रामीण शेर सिंह ने कहा कि 1.60 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी भवन खंडहर बना है, जो जनता के साथ अन्याय है। सत्यवीर सिंह ने सवाल उठाया कि डाडा फतेहपुरा पीएचसी आज भी अधूरा है, जबकि बाद में स्वीकृत कई अन्य पीएचसी चालू हो चुके हैं। मोहित सिंह ने बताया कि अस्पताल अभी भी पुरानी, जर्जर बिल्डिंग में चल रहा है, जबकि नया भवन बर्बाद हो रहा है।

ग्राम पंचायत प्रशासक मनीषा कुमारी यादव ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों से लगातार विभाग और प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बीसीएमओ खेतड़ी डॉ. हरीश यादव ने बताया कि पुराना बजट लैप्स हो चुका था और नए बजट के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

Related Articles