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लैब असिस्टेंट एग्जाम में एक मिनट देरी से पहुंचा दिव्यांग:नहीं मिली एंट्री; ताबीज उतरवाने पर रोनी लगी युवती; देरी से पहुंचे कैंडिडेट भी रोते दिखे


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लैब असिस्टेंट एग्जाम में एक मिनट देरी से पहुंचा दिव्यांग:नहीं मिली एंट्री; ताबीज उतरवाने पर रोनी लगी युवती; देरी से पहुंचे कैंडिडेट भी रोते दिखे

लैब असिस्टेंट एग्जाम में एक मिनट देरी से पहुंचा दिव्यांग:नहीं मिली एंट्री; ताबीज उतरवाने पर रोनी लगी युवती; देरी से पहुंचे कैंडिडेट भी रोते दिखे

सीकर : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित लैब असिस्टेंट एग्जाम का आज पहला दिन था। सीकर में परीक्षा के लिए 32 सेंटर बनाए गए। दिव्यांग अभ्यर्थी को एक मिनट देरी से पहुंचने पर भी एंट्री नहीं दी गई। उसका कहना था कि जयपुर में एग्जाम की तैयारी के दौरान उसका एक पैर कट गया था। ट्रैफिक के कारण लेट हो गया। पूरी मेहनत बेकार हो गई। वहीं, ताबीज उतरवाने एक युवती रोने लगी।

बता दें कि लैब असिस्टेंट एग्जाम का आज आयोजन किया गया। सीकर में आज इस परीक्षा में 10008 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इसमें से 7968 परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 2040 अनुपस्थित रहे। आज पहले दिन की परीक्षा सुबह 11 से 2 बजे तक हुई।

ताबीज उतरवाने रोने लगी युवती

एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे तक प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों से उनकी चुन्नियां उतरवाई गईं। सीकर के एसके स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में सुरक्षा जांच के दौरान एक युवती का गले में पहना ताबीज उतरवाया गया। ऐसे में वह रोते हुए अपने परिजनों के साथ वापस चली गई।

जिले के हर सेंटर पर चेंकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट्स चेक करते हुए।
जिले के हर सेंटर पर चेंकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट्स चेक करते हुए।

एक मिनट देरी पहुंचा दिव्यांग,नहीं मिली एंट्री

नीमकाथाना के चला एरिया का रहने वाला दिव्यांग अभ्यर्थी संदीप एक मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचा, जिसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। मीडिया से बातचीत में संदीप ने कहा कि ट्रैफिक होने की वजह से वह थोड़ा लेट हो गया, लेकिन उसे प्रवेश नहीं मिला।

संदीप ने कहा कि साल 2023 में जब वह जयपुर में रहकर सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। तब उसका एक्सीडेंट हो गया था। उसका एक पैर कट गया और दूसरा भी जल्द ही कट सकता है। 3 साल में उसके 11 ऑपरेशन हो चुके हैं।

उसका बचपन से सरकारी नौकरी करने का सपना था। एक्सीडेंट के बाद भी वह लगातार सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में लगा रहा। वह चाहता था कि कैसे भी सरकारी नौकरी लग जाए। लेकिन आज उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश ही नहीं मिला।

सेंटर पर देरी से पहुंची अभ्यर्थी रोते हुए।
सेंटर पर देरी से पहुंची अभ्यर्थी रोते हुए।

जिले में फ्लाइंग टीम बनाई

बता दें कि आज परीक्षा को देखते हुए हर केंद्र पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई। जिले में 6 फ्लाइंग टीम बनाई गई। जो लगातार परीक्षा केंद्रों पर जाकर चेकिंग कर रही थी।

दिव्यांग को गोदी में उठाकर सेंटर पर लेकर जाते हुए।
दिव्यांग को गोदी में उठाकर सेंटर पर लेकर जाते हुए।

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