[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

झुंझुनूं के सरकारी हॉस्पिटल में तैयार किए कूलिंग जोन:10-10 बेड का वार्ड तैयार किया, ओआरएस कॉर्नर बनाए, एम्बुलेंस में भी मिलेगी बर्फ


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं के सरकारी हॉस्पिटल में तैयार किए कूलिंग जोन:10-10 बेड का वार्ड तैयार किया, ओआरएस कॉर्नर बनाए, एम्बुलेंस में भी मिलेगी बर्फ

झुंझुनूं के सरकारी हॉस्पिटल में तैयार किए कूलिंग जोन:10-10 बेड का वार्ड तैयार किया, ओआरएस कॉर्नर बनाए, एम्बुलेंस में भी मिलेगी बर्फ

झुंझुनूं : झुंझुनूं में हिट स्ट्रोक से बचने के लिए जिले के अस्पतालों में तैयारी पूरी हो चुकी है। शहर के बीडीके हॉस्पिटल समेत जिले के बाकी हॉस्पिटल में भी कूलिंग जोन बनाए गए है, जहां हिट स्टोक के मरीजों इलाज होगा। इसके साथ ही एम्बुलेंस में मरीजों के लिए बर्फ भी रखी गई है। इसके साथ ही वार्डों के बाहर ओआरएस कॉर्नर भी बनाए गए है। BDK हॉस्पिटल के PMO डॉ जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं उपलब्ध है। अलग से 10-10 बेड का वार्ड तैयार किया गया है।

पीएमओ जितेंद्र भाम्ब्ू ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए बीडीके हॉस्पिटल में पूरी तैयारी कर ली गई है।
पीएमओ जितेंद्र भाम्ब्ू ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए बीडीके हॉस्पिटल में पूरी तैयारी कर ली गई है।

स्पेशल इमरजेंसी, 10 बेड का आरक्षित वार्ड

सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट कर दिया है। दवाओं और आईवी फ्लुइड का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बीडीके अस्पताल झुंझुनूं, नवलगढ़, खेतड़ी, मलसीसर और चिड़ावा जैसे बड़े केंद्रों पर 10-10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा जिले की सभी सीएचसी और पीएसची पर भी 5-5 बेड हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए रिजर्व रखे गए है।

बीडीके हॉस्पिटल का हीट स्ट्रोक वार्ड। जहां अभी कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है।
बीडीके हॉस्पिटल का हीट स्ट्रोक वार्ड। जहां अभी कुछ मरीजों का इलाज चल रहा है।

​ओआरएस कॉर्नर स्थापित

ट्रॉमा यूनिट और मेडिकल वार्डों के बाहर ओआरएस कॉर्नर शुरू किए गए हैं, ताकि धूप से झुलसकर आने वाले मरीजों को तुरंत हाइड्रेट किया जा सके। इसके साथ ही विभाग ने एम्बुलेंस सेवाओं को भी अपग्रेड किया है। यदि कोई मरीज ऊष्माघात के कारण गंभीर स्थिति में मिलता है, तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस में उसे ‘टैको’ (TSCO) तकनीक और आइस पैक्स के जरिए ठंडक दी जाएगी। इससे मरीज के शरीर का बढ़ता तापमान नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

हर 5 में से 1 मरीज गर्मी का शिकार

​बीडीके अस्पताल में इन दिनों ओपीडी का आंकड़ा 3000 के पार पहुंच रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से करीब 20 प्रतिशत (लगभग 600 मरीज) सीधे तौर पर तेज धूप, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों को ‘हाई रिस्क’ कैटेगरी में रखकर उनका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। मरीज को तुरंत छाया में लिटाएं और गीले कपड़े से शरीर पोंछें।

झुंझुनूं में रोजाना लू के मरीज आ रहे है। ऐसे में डॉक्टर्स की ओर से स्क्रीनिंग कर उन्हें ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
झुंझुनूं में रोजाना लू के मरीज आ रहे है। ऐसे में डॉक्टर्स की ओर से स्क्रीनिंग कर उन्हें ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।

ऐसे कर सकते है लू से बचाव

  1. ​ प्यास न होने पर भी हर एक घंटे में पानी पिएं।
  2. ​ओआरएस के अलावा छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी ज्यादा पिएं।
  3. बाहर निकलते समय सिर पर टोपी या अंगोछा जरूर रखें।
  4. सिंथेटिक के बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
  5. ​पीक ऑवर्स दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

Related Articles