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रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले अधिकारी को मिली पोस्टिंग:बोले- आरोप गलत निकले, ये मेरी बड़ी जीत; हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाई


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रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले अधिकारी को मिली पोस्टिंग:बोले- आरोप गलत निकले, ये मेरी बड़ी जीत; हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाई

रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले अधिकारी को मिली पोस्टिंग:बोले- आरोप गलत निकले, ये मेरी बड़ी जीत; हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाई

झुंझुनूं : राजस्थान में सस्पेंड DEO को रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले पोस्टिंग मिली। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाते हुए उनके निलंबन को रद्द किया और बहाली के आदेश दिए। DEO पर आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर दूरदराज के स्कूलों में तैनात टीचर्स को शहर के आसपास पोस्टिंग दे दी। अब कोर्ट में आरोप गलत निकले। DEO ने कहा- पूरे 11 महीने की सस्पेंशन की जंग इस एक घंटे की कुर्सी के साथ ‘सम्मान’ में बदल गई। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है।

पहले 2 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला

1. 4.30 बजे पदभार ग्रहण, 5.30 बजे रिटायर: झुंझुनूं में प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में DEO की पोस्ट पर तैनात मनोज ढाका को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर) ने राहत दी है। उनके सस्पेंशन को रद्द करते हुए शिक्षा निदेशालय बीकानेर को पद पर बहाल करने के निर्देश दिए। 30 अप्रैल 4 बजकर 30 मिनट पर पदभार ग्रहण किया। इसके बाद साढ़े 5 बजे वे रिटायर हो गए।

2. नियमों को ताक पर रखा: 20 मई 2025 को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया था। आरोप था कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर टीचर्स के ट्रांसफर किए। दूरदराज के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को नियमों के खिलाफ जिला मुख्यालय के आसपास के स्कूलों में लगा दिया।

इसके बाद विभागीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के आरोप में उनका मुख्यालय बीकानेर निदेशालय कर दिया गया। ये विभाग की तरफ से की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही थी। मनोज ढाका ने इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की थी।

मनोज कुमार ढाका ने कहा- मुझे सम्मान से रिटायर होना था, इसलिए ये जंग लड़ी।
मनोज कुमार ढाका ने कहा- मुझे सम्मान से रिटायर होना था, इसलिए ये जंग लड़ी।

नवंबर में कोर्ट ने रोक लगा दी थी ढाका ने कहा- मैंने इस आदेश के खिलाफ जून 2025 में अपील की थी। इसके बाद नवंबर 2025 में कोर्ट ने राहत देते हुए निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने पदभार नहीं सौंपा। इस पर मैं फिर कोर्ट पहुंचा। इस बार हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विभाग को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि मुझे तुरंत बहाल किया जाए।

रिटायरमेंट से 1 घंटा पहले जॉइन किया ढाका ने कहा- कोर्ट की सख्ती के बाद 30 अप्रैल को शाम करीब 4:30 बजे मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने जॉइनिंग के आदेश जारी किए। मैं ऑफिस पहुंचा और प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार ग्रहण किया।

ढाका ने कहा- जिस दिन मैंने दोबारा पदभार संभाला, उसी दिन मेरा रिटायरमेंट तय था, इसलिए शाम 5:30 बजे सरकारी सेवा से मुक्त हो गया। मेरे लिए समय मायने नहीं रखता, सम्मान मायने रखता है।

आरोप गलत निकले, ये मेरी सबसे बड़ी जीत रिटायर्ड DEO मनोज ढाका ने बताया- मुझ पर लगे आरोप गलत थे, जो आखिर में साबित हो गया। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है।

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