नायक जाति के संबंध में राजस्थान सरकार ने अनेक विसंगतियां खड़ी कर दी : भंवरलाल नायक
4 जून को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के साथ करेंगे आंदोलन की शुरुआत
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : नायक समाज विकास संस्था जयपुर के तत्वावधान में यूथ होस्टल जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष राजाराम की अध्यक्षता में तथा अखिल भारतीय नायक विकास महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल नायक के मुख्य आतिथ्य में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नायक समाज के साथ सरकार द्वारा जातीय वर्गीकरण में उत्पन्न की गई विसंगतियों को दूर करने के लिए किये गए प्रयासों की समीक्षा की गई।
नायक समाज विकास संस्था के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम ने कहा कि राजस्थान में नायक समाज के अनेक संगठनों के द्वारा पिछले अनेक वर्षों से भाजपा और कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को ज्ञापन दिए गए किंतु विसंगतियां दूर करने के लिए सरकार के द्वारा कुछ भी नहीं किया गया। बतौर मुख्य अतिथि महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल नायक ने नायक समाज विकास संस्था की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नायक जाति के संबंध में राजस्थान सरकार के द्वारा अनेक विसंगतियां खड़ी कर दी गई हैं। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए राजस्थान में महापरिषद का पूर्ण सहयोग रहेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि एक माह से अधिक समय तक सरकार के द्वारा दिए गए अश्वासनों की प्रतीक्षा के बाद 4 जून को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के साथ आंदोलन की शुरुआत की जायेगी।आंदोलन में राजस्थान सहित पूरे भारत से नायक समाज आमंत्रित हैं। राजस्थान और भारत के नायक समाज के समर्थन और सहयोग की अपेक्षा रहेगी। आंदोलन में चंदा नहीं लिया जायेगा। आंदोलन में भाग लेने वाली टीम अपना खर्चा खुद उठायेगी। आयोजन समिति के सदस्य बनने के लिए संयोजक राजाराम से संपर्क कर सकते हैं।
आंदोलन के माध्यम से नायक की जातीय विसंगतियों को दूर करने के लिए मांग की जायेगी कि नायक समाज को ओ बी सी की सूची से दूर करने हेतु सूची के क्रम संख्या 91 से भोपा नायक नाम विलोपित किया जाना चाहिए। क्योंकि भोपा कोई जाति नहीं होती है। अनुसूचित जाति की सूची में क्रम संख्या 57 से नायक जाति का नाम विलोपित किया जाना चाहिए। घुमक्कड़ जातियों की सूची से नाईक शब्द को संशोधित करके नायक किया जाना चाहिए। चूंकि नायक जाति मूल रूप से जनजाति है और राजस्थान में नायक जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में क्रम संख्या 10 पर लिखा गया है। उस सूची से नायक जनजाति के अपमानजनक नाम विलोपित किये जावें।
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