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चूरू में गाजे-बाजे के साथ निकाली गणगौर की भव्य सवारी:महिलाओं ने गणगौर का विसर्जन कर सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की


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चूरू में गाजे-बाजे के साथ निकाली गणगौर की भव्य सवारी:महिलाओं ने गणगौर का विसर्जन कर सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की

चूरू में गाजे-बाजे के साथ निकाली गणगौर की भव्य सवारी:महिलाओं ने गणगौर का विसर्जन कर सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान 

चूरू : चूरू जिले में शनिवार को गणगौर पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने एक पखवाड़े तक पूजी गई गणगौर का पावटा कुआं में विसर्जन कर विदाई दी। शहर में गाजे-बाजे के साथ पांच गणगौर की भव्य सवारियां भी निकाली गईं।

पुरानी सब्जी मंडी में लगे गणगौर मेले में बड़ी संख्या में नवविवाहिताएं, युवतियां और अन्य महिलाएं पहुंचीं। उन्होंने गणगौर माता के दर्शन कर मन्नतें मांगीं। पूजन करने वाली महिलाओं ने अपने सुहाग की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंगल गीत भी गाए गए, जिसमें अगले वर्ष मां गौरा और ईसर के फिर से आने की कामना की गई।

घरों में भी महिलाओं ने गणगौर पूजन किया। शनिवार को खीर-ढोकला और चूरमे का प्रसाद अर्पित कर उन्होंने जल ग्रहण किया। पंडितों ने विधि-विधान से गणगौर का पूजन संपन्न करवाया।

चूरू में गणगौर की सवारियां विभिन्न स्थानों से शुरू हुईं। बड़ा मंदिर से राज की गणगौर और लखोटिया की गणगौर पूजा-अर्चना के बाद पंचमुखी बालाजी मंदिर के पास विराजमान हुईं। गुजरका की गणगौर गुजरका चौक से, जबकि कोठारियों की एक गणगौर रामगढ़िया दरवाजे से और दूसरी फतेहचंद कोठारी परिवार की गणगौर सहित ईसर वार्ड 35 बजरंग बली चौक पर विराजमान हुए।

शाम को ये सभी गणगौर अपने-अपने स्थानों से प्रस्थान कर गढ़ के पास पहुंचीं। गढ़ चौराहे पर सभी गणगौरों का संगम हुआ, जहां से गाजे-बाजे के साथ सवारी आगे बढ़ी। यह सवारी सफेद घंटाघर पर पहुंची, जहां कुछ देर विश्राम के बाद सब्जी मंडी स्थित पावटा कुआं मेला स्थल पहुंची। मेले के समापन के बाद गणगौर अपने-अपने स्थानों के लिए वापस प्रस्थान कर गईं।

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