[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

ढफ और नगाड़ों की थाप के साथ चूरू महोत्सव शुरू:विरासत कार्निवल यात्रा निकाली, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का लिया संकल्प


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

ढफ और नगाड़ों की थाप के साथ चूरू महोत्सव शुरू:विरासत कार्निवल यात्रा निकाली, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का लिया संकल्प

ढफ और नगाड़ों की थाप के साथ चूरू महोत्सव शुरू:विरासत कार्निवल यात्रा निकाली, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का लिया संकल्प

चूरू : राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को चूरू महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गढ़ परिसर स्थित गोपालजी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई।

इस दौरान चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा और एडीएम अर्पिता सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने जिले की खुशहाली की कामना की। ढफ और नगाड़ों की थाप के साथ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया।

महोत्सव के दौरान ऊंट के करतब दिखाता एक व्यक्ति।
महोत्सव के दौरान ऊंट के करतब दिखाता एक व्यक्ति।

पूजा के बाद गढ़ परिसर से विरासत कार्निवल यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सफेद घंटाघर और सुभाष चौक होते हुए बागला स्कूल खेल मैदान पहुंची। यात्रा में ऊंट-घोड़ों के आकर्षक करतब, कच्छी घोड़ी नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोक वाद्यों की मधुर धुनें और राजस्थानी लोकगीत पूरे वातावरण में गूंजते रहे, जिससे सांस्कृतिक माहौल बन गया।

पूजा के बाद गढ़ परिसर से विरासत कार्निवल यात्रा निकाली गई।
पूजा के बाद गढ़ परिसर से विरासत कार्निवल यात्रा निकाली गई।

मुख्य समारोह बागला स्कूल खेल मैदान में आयोजित हुआ, जहां विधायक हरलाल सहारण ने फीता काटकर महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान अतिथियों ने ‘हस्ताक्षर कैनवास’ पर हस्ताक्षर कर चूरू की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प लिया। विभिन्न कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ ऊंट सजावट के लिए देबूराम को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विधायक सहारण ने कहा कि चूरू महोत्सव क्षेत्र की परंपराओं, लोक कलाओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ता है। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने इसे जिले की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक सहभागिता का उत्सव बताया।

कार्यक्रम का संचालन बजरंग हर्षवाल और शिवकुमार शर्मा ने किया। महोत्सव में बड़ी संख्या में शहरवासियों की भागीदारी देखने को मिली।

Related Articles