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रानोली में ऐतिहासिक गणगौर मेला 21 और 22 मार्च को:सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, CCTV, दमकल, एंबुलेंस रहेगी तैनात


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रानोली में ऐतिहासिक गणगौर मेला 21 और 22 मार्च को:सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, CCTV, दमकल, एंबुलेंस रहेगी तैनात

रानोली में ऐतिहासिक गणगौर मेला 21 और 22 मार्च को:सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, CCTV, दमकल, एंबुलेंस रहेगी तैनात

रानौली : कस्बे में सदियों पुराना ऐतिहासिक गणगौर मेला 21 और 22 मार्च को गणगौर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। यह मेला सीकर जिले के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु और दर्शक शामिल होते हैं।

मेले के दौरान शाम को गढ़ से ईशर-गणगौर की भव्य सवारी निकाली जाएगी। यह सवारी गाजे-बाजे के साथ मेला परिसर से होते हुए वापस गढ़ पहुंचेगी। इस दौरान नवविवाहित महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करती हैं और लोकगीत गाती हैं।

रानोली के सरपंच (प्रशासक) औंकारमल सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दुकानदारों को स्थान आवंटित किए जा रहे हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए टेंट, छाया, रात्रि प्रकाश और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। दुकानदारों के लिए निशुल्क भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रानोली पुलिस थाने के जाप्ते के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल, एम्बुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

मेले की एक अन्य विशेष परंपरा ईसर-गौरी की सजी-धजी प्रतिमाओं की शोभायात्रा है। इसमें महिलाएं सिर पर कलश रखकर नगर भ्रमण करती हैं। मेले के अंतिम दिन इन प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।

रानोली का गणगौर मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय संस्कृति, महिला भागीदारी और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसने अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।

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