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एक ही दिन में सुलझे 1 लाख से ज्यादा मामले:टूटे हुए दो परिवार आपसी समझाइश से फिर हुए एक, 10.65 करोड़ की अवॉर्ड राशि जारी


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एक ही दिन में सुलझे 1 लाख से ज्यादा मामले:टूटे हुए दो परिवार आपसी समझाइश से फिर हुए एक, 10.65 करोड़ की अवॉर्ड राशि जारी

एक ही दिन में सुलझे 1 लाख से ज्यादा मामले:टूटे हुए दो परिवार आपसी समझाइश से फिर हुए एक, 10.65 करोड़ की अवॉर्ड राशि जारी

झुंझुनूं : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस अदालत में न्याय की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपा गुर्जर के निर्देशन में जिले भर की अदालतों में कुल 1,09,315 प्रकरणों का निस्तारण कर आमजन को बड़ी राहत दी गई।

सचिव डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलंकी ने बताया कि लोक अदालत में मुकदमों के अंबार को देखते हुए कुल 11 न्यायिक और राजस्व बेंचों का गठन किया गया था। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेन्द्र के. सिंह सोलंकी ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ‘बिना लड़े जीत’ है। आज जितने प्रकरणों का निस्तारण हुआ है, उससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों के बीच आपसी प्रेम भी बढ़ेगा।

5 साल से अलग रह रहे दो भाई और दो बहनें फिर साथ हुए

लोक अदालत में पारिवारिक विवादों के निपटारे के दौरान बेहद भावुक नजारा दिखा। नवलगढ़ निवासी दो भाइयों सुरेंद्र और रामस्वरूप का विवाह दो बहनों बिषनी और मनीषा के साथ हुआ था। आपसी मनमुटाव के चलते फरवरी 2021 से दोनों जोड़े अलग-अलग रह रहे थे।

धारा 9 (हिन्दू विवाह अधिनियम) के तहत केस चल रहा था। सचिव डॉ. सोलंकी और बेंच के सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझाया। लोक अदालत की भावना से प्रेरित होकर दोनों दंपती पुरानी कड़वाहट भूलकर फिर से साथ रहने को राजी हो गए।

इन मामलों का हुआ निपटारा

लोक अदालत में चेक बाउंस (138 NI Act), बैंक रिकवरी, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), एमएसीटी (सड़क दुर्घटना दावे), श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल, किराया और राजस्व से जुड़े मामलों को आपसी सहमति से क्लोज किया गया।

इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका

जिला मुख्यालय पर न्यायाधीश अजय गोदारा, आशीष कुमावत, डॉ. महेन्द्र सिंह सोलंकी, आकाश कुमार, मनोज मील सहित कई अधिवक्ता और न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं खेतड़ी, चिड़ावा, पिलानी, उदयपुरवाटी, नवलगढ़, बुहाना और सूरजगढ़ तालुकाओं में भी न्यायिक अधिकारियों और उपखंड अधिकारियों की देखरेख में हजारों परिवारों को कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिली।

लोक अदालत में 1,09,315 मामलों का निस्तारण, लोक अदालत में 1,23,007 मामले रखे गए।

इनमें से 1,09,315 मामलों का निस्तातंरण किया गया है। इस दौरानअवॉर्ड राशि 10,65,50,363 (करीब 10.65 करोड़ रुपये) पारित की गई। लंबित प्रकरण 6,848 में से 3,486 मामलों का निपटारा हुआ।।

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