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नाबार्ड सीजीएम डॉ.आर रवि बाबू ने की ग्रामीण एवं सहकारी बैंक का निरीक्षण


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नाबार्ड सीजीएम डॉ.आर रवि बाबू ने की ग्रामीण एवं सहकारी बैंक का निरीक्षण

नाबार्ड सीजीएम डॉ.आर रवि बाबू ने की ग्रामीण एवं सहकारी बैंक का निरीक्षण

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरु : जिले में आपणी योजना में नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित चूरु-बिसाऊ आरआईडीएफ़ प्रोजेक्ट की नाबार्ड के मुख्य महा प्रबन्धक डॉ आर रवि बाबू द्वारा तारानगर डिवीजन में मुख्य मुख्य कार्य बिन्दुओं पर मॉनिटरिंग विजिट की गई जिसमें प्रोजेक्ट के तहत अब तक हुए कार्य की समीक्षा की गई, क्वालिटी कंट्रोल, प्रोजेक्ट साइट प्लान, परियोजना के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। परियोजना में अब तक खर्च हुई बजट राशि तथा खर्च की गई राशि को पुनर्भरण हेतु नाबार्ड को भिजवाने हेतु सूचित किया गया ताकि मार्च माह में पुनर्भरण राशि जारी की जा सके।

परियोजना के शेष कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करना सुनिश्चित करने हेतु सूचित किया गया। इसके बाद राजस्थान ग्रामीण बैंक की भालेरी शाखा की ओर से आयोजित एफ़एलसी कार्यक्रम में अध्यक्षता कर किसानों को संबोधित किया ।और किसानों को बैंकों की विभिन्न लाभदायक योजनाओं, अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। और बैंक द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र एवं ऋण चैक वितरित किए गए। कार्यक्रम में बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक अनिल अग्रवाल, जी एल निर्वाण, सहायक महा प्रबन्धक जिलाविकास, नाबार्ड,  मदन लाल शर्मा, प्रबंध निदेशक, चूरु सेंट्रल कोपरेटिव बैंक लि., विनायक लंगोटे, सहायक प्रबन्धक, नाबार्ड, राजस्थान ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबन्धक एवं सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित थे।

चूरु केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय में डॉ आर रवि बाबू की अध्यक्षता में नाबार्ड द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की की गई। जिसमें चूरु केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबन्धक निदेशक, उप पंजीयक, सहकारी समितियां, विशेष लेखा परीक्षक, एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।

प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया और निर्देशित किया कि प्रोजेक्ट निर्धारित अवधि में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए और सभी समितियों को शीघ्रातिशीघ्र ईपैक्स घोषित कर डेली बेसिस पर डाइनैमिक डे एंड किया जाना चाहिए ताकि समितियों का कार्य पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकृत हो सके। बैंक को अपनी जमाएँ बढ़ाने तथा साइबर सिक्योरिटी थ्रेट्स से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है।

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