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गढ़ला कलां में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेंट-C के अंतर्गत 4.8 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ


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गढ़ला कलां में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेंट-C के अंतर्गत 4.8 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ

गढ़ला कलां में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेंट-C के अंतर्गत 4.8 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : जिले के ग्राम गढ़ला कलां में शुक्रवार को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेंट-C के अंतर्गत 4.8 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ किया गया है। इस सौर संयंत्र के चालू होने से क्षेत्र के किसानों को दिन के समय कृषि कार्य हेतु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे किसानों को रात्रि में सिंचाई करने की समस्या से राहत मिलेगी तथा कृषि कार्य अधिक सुगमता से हो सकेंगे।

अविविनिलि के अधीक्षण अभियंता महेश कुमार टीबडा ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। जिले में अभी तक कुसुम-A योजना के तहत 34 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 37.5 मेगावाट है। इसी प्रकार कुसुम-C योजना के तहत अब तक 11 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 30.67 मेगावाट है. जिससे लगभग 6300 कृषि उपभोक्ता लाभान्वित है।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 7309 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 27.1 मेगावाट है।

उन्होंने बताया कि कुसुम योजना एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सौर संयंत्रों से झुंझुनू जिले में प्रतिमाह लगभग 1.6 करोड़ यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही जिले में स्थापित बायोमास प्लांट से प्रतिमाह लगभग 1.1 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस प्रकार जिले में कुल मिलाकर लगभग 2.7 करोड़ यूनिट ऊर्जा का उत्पादन वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से किया जा रहा है।

इन सौर ऊर्जा संयंत्रों के स्थापित होने से विद्युत तंत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हो रहे हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन से परंपरागत विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है, साथ ही दिन के समय स्थानीय स्तर पर बिजली उपलब्ध होने से फीडरों पर लोड कम हुआ है। इसके परिणामस्वरूप लाइन लॉस में कमी. विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता में सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है तथा किसानों और उपभोक्ताओं को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। साथ ही सभी बिजली उपभोक्ताओं से निवेदन है की वे ज्यादा से ज्यादा सोलर प्लांट लगवाए एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेवें।

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