[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जिला कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जिला कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त

लापता माया को पिलानी पुलिस ने किया दस्तयाब, परिवार से मिलवाया

झुंझुनूं : जिला कलेक्ट्रेट के सामने राजस्थान सरकार व भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन दोपहर बाद समाप्त हो गया। यह धरना डॉ. भीमराव अंबेडकर अत्याचार निवारण समिति झुंझुनूं के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा था।

समिति जिलाध्यक्ष कैलाश दास महाराज सारी धाम ने बताया कि पिलानी विधानसभा क्षेत्र के गांव डूलानिया निवासी माया मेघवाल 12 जून 2025 से लापता थी। इस संबंध में एमपीआर क्रमांक 18 दिनांक 13 जून 2025 को पिलानी पुलिस थाना में दर्ज कराई गई थी। परिजनों का आरोप था कि करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

भूख हड़ताल पर बैठे थे परिजन

माया के ससुर उमराव मेघवाल पिछले आठ महीनों से न्याय की गुहार लगा रहे थे। पिछले दो दिन से वे और माया की माता भूख हड़ताल पर बैठे थे। समिति पदाधिकारियों का कहना था कि प्रशासन और पुलिस की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के कारण धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।

पुलिस ने दोपहर में कराया आमना-सामना

समिति के अनुसार, बुधवार दोपहर पुलिस ने माया को दस्तयाब कर लिया और थाने में परिवार से मिलवाया। परिजनों का दावा है कि थाने में माया ने अपने 15 वर्षीय दिव्यांग पुत्र, 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री और 7 वर्षीय छोटे भाई को पहचानने से इनकार कर दिया। कैलाश दास महाराज ने बताया कि माया पर गहने बेचने और चोरी से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

“दबाव में हुई कार्रवाई”

धरना समाप्ति की घोषणा करते हुए समिति पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिना धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती। उनका कहना था कि आंदोलन और भूख हड़ताल के दबाव में ही पुलिस ने कार्रवाई की।

धरने को मेघवाल समाज चेतना संस्थान मंडावा के अध्यक्ष उम्मेद मेघवाल तथा आजाद समाज पार्टी झुंझुनूं के जिला अध्यक्ष महेंद्र चाहर सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान मनीराम (झुंझुनूं), पिंटू सोनासर, नरेश मरोडिया देवता, बृजलाल पातुसरी, बलवान और सावित्री देवी सहित कई लोग मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के साथ ही परिजनों ने निष्पक्ष जांच और आरोपों की पारदर्शी पड़ताल की मांग दोहराई है।

Related Articles