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गुढ़ागौड़जी सीएचसी में ड्यूटी पर डॉक्टरों से मिले एमआर:मरीज करते रहे इंतजार, अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल


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गुढ़ागौड़जी सीएचसी में ड्यूटी पर डॉक्टरों से मिले एमआर:मरीज करते रहे इंतजार, अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल

गुढ़ागौड़जी सीएचसी में ड्यूटी पर डॉक्टरों से मिले एमआर:मरीज करते रहे इंतजार, अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल

गुढ़ागौड़जी : गुढ़ागौड़जी कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ड्यूटी समय के दौरान निजी दवा कंपनियों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) डॉक्टरों के चैंबर में बैठे पाए गए। आरोप है कि एमआर डॉक्टरों के साथ लंबे समय तक चर्चा करते रहे, जिससे ओपीडी में बैठे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झुंझुनूं से आए तीन एमआर डॉक्टरों के कक्ष में कुर्सी पर बैठकर अपनी-अपनी कंपनियों की दवाइयों के संबंध में बातचीत कर रहे थे। मरीजों ने बताया कि काफी समय तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।

जब कुछ लोगों ने इस बारे में सवाल उठाए, तो तीनों एमआर तुरंत चैंबर से बाहर निकल गए। पूछताछ करने पर उन्होंने झुंझुनूं से आने और निजी दवा कंपनियों से जुड़े होने की बात स्वीकार की। हालांकि, अस्पताल में प्रवेश को लेकर तीनों ने अलग-अलग कारण बताए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्यूटी समय में एमआर का डॉक्टरों से मिलना नियमों के विरुद्ध है और इससे मरीजों की सुविधा प्रभावित होती है। यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करते हैं और मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखते हैं, जिनकी आपूर्ति निजी मेडिकल स्टोर्स पर संबंधित कंपनियों द्वारा की जाती है। इससे मरीजों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली निशुल्क दवाइयों का लाभ नहीं मिल पाता।

इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहनलाल सोकरिया ने बताया कि एमआर को पहले भी ड्यूटी समय में अस्पताल नहीं आने की हिदायत दी गई थी। उन्होंने सभी डॉक्टरों को भी निर्देशित किया है कि ड्यूटी के दौरान ऐसे लोगों से मुलाकात न करें। डॉ. सोकरिया ने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डॉक्टरों ने बताया कि वे एमआर को नहीं जानते और वे अपने आप आ जाते हैं।

घटना के बाद मरीजों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और अस्पताल की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी रहे।

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