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बर्खास्त डॉक्ट करेंगे अन्न त्याग:मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की ‘तानाशाही’ के खिलाफ आर-पार की जंग, 25 फरवरी से संपूर्ण जिले में कार्य बहिष्कार का ऐलान झुंझुनूं8 घंटे में


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बर्खास्त डॉक्ट करेंगे अन्न त्याग:मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की ‘तानाशाही’ के खिलाफ आर-पार की जंग, 25 फरवरी से संपूर्ण जिले में कार्य बहिष्कार का ऐलान झुंझुनूं8 घंटे में

बर्खास्त डॉक्ट करेंगे अन्न त्याग:मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की 'तानाशाही' के खिलाफ आर-पार की जंग, 25 फरवरी से संपूर्ण जिले में कार्य बहिष्कार का ऐलान झुंझुनूं8 घंटे में

झुंझुनूं : राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश साबू के कथित तानाशाही और बर्बरतापूर्ण रवैये के खिलाफ जिले के चिकित्सकों ने मोर्चा खोल दिया है। पिछले आठ दिनों से जारी गतिरोध रविवार को उस समय और उग्र हो गया, जब सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) ने सर्वसम्मति से बड़े आंदोलन का निर्णय लिया।

जिले भर के लगभग 400 चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्राचार्य पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। अन्न त्याग का संकल्प: बर्खास्त किए गए चिकित्सकों ने सोमवार से अन्न का त्याग करने का निर्णय लिया है। यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी बहाली और प्राचार्य पर कार्रवाई नहीं हो जाती।

कार्य बहिष्कार की चेतावनी: आगामी 25 फरवरी (बुधवार) से जिले भर के चिकित्सक रोजाना 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। हालांकि, मानवीय आधार पर आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखी जाएंगी। एकजुटता का प्रदर्शन: जिले के 175 चिकित्सा संस्थानों (PHC, CHC, उपजिला अस्पताल) के 400 डॉक्टरों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।

अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर की कार्रवाई

अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में अरिसदा के अध्यक्ष डॉ. एस. ए. जब्बार और महासचिव डॉ. राजेन्द्र ढाका ने प्राचार्य के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। अरिसदा के प्रवक्ता डॉ. विजय झाझड़िया मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें बर्खास्त करना न केवल प्राचार्य के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, बल्कि यह पूरी तरह दमनात्मक कार्रवाई है।

6 माह में 6 चिकित्सक बर्खास्त, आक्रोश चरम पर

चिकित्सकों का आरोप है कि जिले में पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी है, इसके बावजूद प्राचार्य डॉ. साबू ने पिछले छह महीनों में छह डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। इस “तानाशाही” प्रवृति से पूरा चिकित्सा वर्ग खुद को अपमानित महसूस कर रहा है। रविवार को झुंझुनूं जिला अस्पताल के 75 डॉक्टरों ने गेट पर प्रदर्शन कर प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. श्रीराम दुलड़, डॉ. अनिता गुप्ता, डॉ. शीशराम गोठवाल, डॉ. पुष्पा रावत, डॉ. राजेन्द्र पायल, डॉ. जगदेव सिंह, डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. मधु तंवर, डॉ. विनिता मोर, डॉ. आकांक्षा, डॉ. मनीषा चौधरी समेत सैकड़ों चिकित्सक शामिल रहे।

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