संवेदनशील प्रशासन ने बदली तीन मासूमों की तक़दीर : दस्तावेज़ों के अभाव में रुकी शिक्षा को मिला नया रास्ता, जन्म प्रमाण पत्र जारी
मंडावा में घुमन्तु व अर्ध-घुमन्तु परिवारों के लिए विशेष कैंप बना आशा की किरण
मंडावा : मंडावा तहसील में घुमन्तु एवं अर्ध-घुमन्तु समुदाय के लिए आयोजित विशेष प्रशासनिक कैंप ने एक बार फिर संवेदनशील शासन का मानवीय चेहरा उजागर किया है। वर्षों से पहचान, शिक्षा और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे परिवारों के लिए यह कैंप आशा, विश्वास और भविष्य की नई शुरुआत बनकर सामने आया।
कैंप के दौरान एक अत्यंत मार्मिक प्रकरण सामने आया, जहां एक घुमन्तु परिवार के तीन मासूम बच्चों और उनके पिता के पास जन्म प्रमाण पत्र सहित कोई भी वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। दस्तावेजों के अभाव में बच्चों का विद्यालय में प्रवेश संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे उनका भविष्य अंधकार में जाता नजर आ रहा था।
मामले की गंभीरता को समझते हुए उपखंड अधिकारी मुनेश कुमारी ने संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल संज्ञान लिया। बच्चों की शिक्षा बाधित होने की सूचना को गंभीर मानते हुए उन्होंने बिना देरी के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
ग्राम विकास अधिकारी गुंजन बाला द्वारा मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए की गई अनुशंसा पर तहसीलदार डॉ. सुरेन्द्र भास्कर एवं नायब तहसीलदार मुकेश सिहाग ने प्रशासनिक सहानुभूति का परिचय देते हुए तीनों बच्चों तथा उनके पिता सुनील कुमार के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की स्वीकृति प्रदान की।
यह पहल केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने वाला मानवीय कदम है। अब यह परिवार शिक्षा, पहचान और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन की ओर अग्रसर हो सकेगा।
मंडावा तहसील द्वारा आयोजित यह विशेष कैंप सामाजिक न्याय, करुणा और सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जो घुमन्तु एवं अर्ध-घुमन्तु समुदाय के लिए अधिकार, सम्मान और विश्वास की मजबूत नींव रखता है।
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