श्रीमाधोपुर में यूजीसी नियमों को लेकर सवर्ण समाज का प्रदर्शन:शहर में निकाली आक्रोश रैली, बाजार रहे बंद; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
श्रीमाधोपुर में यूजीसी नियमों को लेकर सवर्ण समाज का प्रदर्शन:शहर में निकाली आक्रोश रैली, बाजार रहे बंद; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
श्रीमाधोपुर : श्रीमाधोपुर में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के प्रस्तावित ‘प्रमोशन ऑफ इक्वालिटी रेगुलेशन–2026’ के खिलाफ सामान्य वर्ग और समस्त सवर्ण समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को उपखंड अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर इन नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। विरोध में दोपहर 12:30 बजे तक शहर के मुख्य बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिसे व्यापारियों का व्यापक समर्थन मिला।
अग्रसेन भवन से निकाली आक्रोश रैली
इससे पहले, सीकर बाजार स्थित अग्रसेन भवन से एक आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली सीकर बाजार, गोशाला रोड, खंडेला बाजार, चौपड़ बाजार और रींगस बाजार होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारी ‘यूजीसी का काला कानून वापस लो’, ‘हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करो’ और ‘यूजीसी रोल बैक’ जैसे नारे लगा रहे थे।
स्टूडेंट्स और शिक्षकों के साथ बताया अन्याय
ज्ञापन में बताया-15 जनवरी 2026 से लागू होने वाले ये नियम सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह प्रस्ताव भारतीय संविधान की धारा 14 (समानता का अधिकार) और धारा 21 (जीवन व स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है। उनका तर्क है कि शिक्षा में समानता के नाम पर कुछ वर्गों के हितों को प्रभावित किया जा रहा है।
विरोध करने वालों ने आशंका जताई कि नए प्रावधानों से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों व शिक्षकों के बीच जातीय आधार पर विभाजन बढ़ सकता है, जिससे शैक्षणिक माहौल नकारात्मक रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए समावेशी नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया, न कि ऐसी व्यवस्थाओं पर जो वर्गों में खाई पैदा करें।
मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की
समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं ने इन नियमों को ‘काला कानून’ बताते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसी क्रम में, 14 फरवरी को शहर में मशाल जुलूस निकालने की भी घोषणा की गई है। ज्ञापन पर समस्त सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर हैं।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2033174


