तेज रफ्तार थार ने छीन ली होनहार बेटी की जिंदगी, कैंसर पीड़ित पिता की आखिरी उम्मीद भी टूटी
तेज रफ्तार थार ने छीन ली होनहार बेटी की जिंदगी, कैंसर पीड़ित पिता की आखिरी उम्मीद भी टूटी
झुंझुनूं : “पापा… एयरफोर्स में जाने के बाद आपका इलाज सबसे अच्छे अस्पताल में कराऊंगी।” यह कहते हुए झुंझुनूं के बाजवा रावतका गांव निवासी किसान रविंद्र कुमार शर्मा की आंखें भर आईं। उनकी होनहार बेटी अनाया शर्मा का सपना अधूरा रह गया। जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर तेज रफ्तार थार की टक्कर से अनाया की मौके पर ही मौत हो गई।
अनाया जयपुर के महारानी कॉलेज में बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा थी। 12वीं में 97 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली अनाया ने पहले ही प्रयास में एयरफोर्स का लिखित परीक्षा पास कर ली थी। 31 जनवरी को जोधपुर में फिजिकल टेस्ट होना था, जिसकी तैयारी के लिए वह रोजाना दौड़ और अभ्यास कर रही थी। मंगलवार सुबह अभ्यास के लिए जाते समय तेज रफ्तार वाहन ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद चालक फरार हो गया।
परिवार की एकमात्र उम्मीद थी अनाया
अनाया के पिता कैंसर पीड़ित हैं और खेती से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। अनाया अक्सर कहती थी—“मैं साबित करूंगी कि बेटी भी बेटों से बढ़कर होती है।” गुरुवार को गांव में हुई तिये की बैठक में पिता बोल भी नहीं पा रहे थे।
शिक्षकों ने बताया होनहार छात्रा
अनाया के शिक्षक अमन बेनीवाल ने बताया कि वह बेहद मेधावी और देशसेवा का जज्बा रखने वाली छात्रा थी। छोटे भाई की पढ़ाई के लिए स्कूल ने फीस में छूट दी है। उन्होंने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता और भाई के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की।
अधूरा रह गया वर्दी पहनने का सपना
31 जनवरी को होने वाला एयरफोर्स फिजिकल टेस्ट अब अनाया के बिना ही होगा। उसकी मेहनत, संघर्ष और वर्दी पहनने का सपना अब सिर्फ परिवार की यादों में जिंदा है। बेटी को खोने के बाद पिता अब अपने दर्द और बीमारी से जूझते हुए जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
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