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लूट नहीं, साजिश थी! 24 घंटे में पुलिस ने खोली फर्जी डकैती की परतें : दिनदहाड़े डकैती का ड्रामा फेल


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लूट नहीं, साजिश थी! 24 घंटे में पुलिस ने खोली फर्जी डकैती की परतें : दिनदहाड़े डकैती का ड्रामा फेल

लूट नहीं, साजिश थी! 24 घंटे में पुलिस ने खोली फर्जी डकैती की परतें : दिनदहाड़े डकैती का ड्रामा फेल

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक

मुकुंदगढ़ : पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर फर्जी लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया। दिनदहाड़े चाकू की नोक पर करीब 10 लाख रुपए के गहने व नकदी लूटने की झूठी कहानी गढ़ने वाली परिवादिया ने आखिरकार पुलिस की सख्ती के आगे सच उगल दिया।

पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय आईपीएस के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत आरपीएस के मार्गदर्शन एवं वृत्ताधिकारी महावीर सिंह आरपीएस के सुपरविजन में गठित टीम ने मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले की गहन जांच की।

परिवादिया ने 19 जनवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि तीन महिलाएं और एक पुरुष घर में घुसकर चाकू की नोक पर अलमारी से सोना-चांदी व नकदी लूट ले गए और आंखों पर कोई रसायन डालकर फरार हो गए। लेकिन जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, एमआईयू टीम की रिपोर्ट और लगातार बदलते बयानों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

गहन पूछताछ में आखिरकार परिवादिया ने झूठी लूट की कहानी खुद गढ़ने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि सभी गहने व नकदी उसने घर में ही पलंग के अंदर छुपा रखे थे। पुलिस की मौजूदगी में पूरा सामान बरामद कर लिया गया।

परिवादिया ने कबूल किया कि वह जेवरात बेचकर अलग से प्लॉट खरीदना चाहती थी, इसी उद्देश्य से उसने लूट का नाटक रचा और पुलिस को गुमराह किया।

इस सफल कार्रवाई में मुकुंदगढ़ थाना पुलिस, डीएसटी टीम और एमआईयू झुंझुनू की अहम भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल सच्चाई सामने आई, बल्कि झूठे मामलों में संसाधन बर्बाद करने वालों को भी कड़ा संदेश मिला है।

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