फतेहपुर सड़क हादसा : मृत महिलाओं की संख्या बढ़कर 7, एक ही परिवार की पांच महिलाएं शामिल
ओवरटेक करते हुए आगे निकले थे, गाड़ी में जगह नहीं होने से बची छोटे भाई की पत्नी
जानकारी के अनुसार बुधवार को फतेहपुर क्षेत्र में शोक सभा से लौट रही कार की ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई थी। हादसे में जान गंवाने वाली सभी 7 महिलाएं एक ही परिवार की हैं। इनमें से 5 महिलाएं एक ही घर की थीं, जिनमें एक सास और चार बहुएं शामिल हैं।
गुरुवार को दो महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि शेष 5 महिलाओं का अंतिम संस्कार परिजनों के विदेश से लौटने के बाद किया जाएगा। ऐसे में परिजन अंतिम विदाई के लिए भी इंतजार करने को मजबूर हैं।
हादसे में अपने परिवार के कई सदस्यों को खो चुके ललित ने दर्द भरे शब्दों में बताया, “उनकी गाड़ी हमें ओवरटेक करती हुई आगे निकली और थोड़ी दूरी चलते ही ट्रक में जा घुसी। मैंने खुद मौके से मां, पत्नी, बहन और भाभियों के शवों को बाहर निकाला। केवल बरखा की सांसें चल रही थीं।”
इस हादसे में ललित ने अपनी मां, पत्नी, बहन और दो भाभियों को खो दिया, जबकि उनकी भतीजी बरखा गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज सीकर में जारी है।
हादसे के बाद स्थानीय विधायक हाकम अली सहित कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है।
सऊदी से मोहिनी देवी के दो बेटों के वापस लौटने पर शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जबकि संतोष का फतेहपुर में और इंद्रा का फतेहपुर के पास खुड़ी गांव में आज ही अंतिम संस्कार किया गया।
ललित सैनी ने बताया- बुधवार को उनकी मां मोहिनी देवी की ननद का निधन हो गया था। जिनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पूरे परिवार वाले गए थे। जाते समय महिलाएं अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर गई थी।
एक ही गाड़ी में बैठी थी महिलाएं
ललित ने बताया- अंतिम संस्कार होने के बाद जव वे वापस लौटते लगे तो हमारे परिवार की 8 महिलाएं बैठ गई। जिसमें उसकी मां मोहिनी देवी (80), पत्नी तुलसी (45), दो भाभी चंदा देवी (55) पत्नी सुरेंद्र और बरखा देवी पत्नी ओमप्रकाश, बहन इंद्रा (60), संतोष (45) पत्नी सत्यनारायण माली, चाची आशा (60) पत्नी मुरारी लाल और सोनू पुत्री सुरेंद्र शामिल थे। पीछे वाली कार में पुरुष थे। जिसे मैं चला रहा था।

पिकअप से टकराकर बैलेंस बिगड़ा, युवक ने निकाले मां-पत्नी भाभियों के शव
ललित ने बताया- महिलाओं वाली कार हमें ओवरटेक करते हुए आगे निकल गई, लेकिन कुछ दूरी के बाद कार पिकअप से टकराकर असंतुलित हो गई और सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी।
हम भी पीछे-पीछे तुरंत ही आ गए थे। हादसे के लगभग 50 सेकेंड बाद ही घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां का मंजर भयावह था, शव चारों ओर बिखरे पड़े थे और कुछ गाड़ी के अंदर फंसे हुए थे। मैंने खुद शवों को गाड़ी से बाहर निकाला। देखा तो सबकी सांसें रुक चुकी थी। सिर्फ बरखा की सांसें चल रही थी। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।

मां, पत्नी, भाभी समेत 7 की मौत
सभी लोगों को फतेहपुर के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। जहां मोहिनी, चंदा, तुलसी, इंद्रा, संतोष और आशा को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि ड्राइवर वसीम, सोनू और बरखा को सीकर रेफर किया गया। बरखा को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान बरखा ने भी दम तोड़ दिया। सोनू और वसीम का अभी सीकर जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
सऊदी से भाइयों के लौटने पर होगा अंतिम संस्कार
संतोष का अंतिम संस्कार फतेहपुर में और पति व बेटे के दुबई से लौटने पर इंद्रा का अंतिम संस्कार फतेहपुर के पास खुड़ी गांव में किया गया। जबकि मोहिनी, आशा, चंदा, बरखा और तुलसी का अंतिम संस्कार ललित के बड़े भाई ओमप्रकाश और राकेश के सऊदी से वापस लौटने पर किया जाएगा। ओमप्रकाश और राकेश सऊदी से रवाना हो चुके हैं।
जगह नहीं होने से नहीं जा सकी छोटे भाई की पत्नी
मोहिनी देवी के 5 लड़के और 4 लड़कियां हैं। सभी शादीशुदा है। एक बेटा सुभाष अलग रहता है, जिनसे उनकी नहीं बनती, इस वजह से वो अंतिम संस्कार मेंं शामिल होने नहीं गया था। वहीं, राकेश की पत्नी ममता कार में जगह कम होने की वजह से बाकी परिवार वालों के साथ नहीं जा पाई।
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