[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

राव इंद्रजीत बोले- सरकार बनवाने का वाजिब इनाम नहीं मिला:राजस्थान में कहा- कई बार सरकार बनवाई; हमारे साथ भेदभाव हुआ


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राज्यहरियाणा

राव इंद्रजीत बोले- सरकार बनवाने का वाजिब इनाम नहीं मिला:राजस्थान में कहा- कई बार सरकार बनवाई; हमारे साथ भेदभाव हुआ

राव इंद्रजीत बोले- सरकार बनवाने का वाजिब इनाम नहीं मिला:राजस्थान में कहा- कई बार सरकार बनवाई; हमारे साथ भेदभाव हुआ

नारनौल : केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एक बार फिर सियासत में पूरा हक न मिलने की पीड़ा सार्वजनिक मंच पर उजागर की। बोले- हम सरकारें बनाते हैं, मगर उसके बदले में वाजिब इनाम नहीं मिलता, तो क्या मैं गलत कहता हूं।

लोग यूं कहते हैं कि इंद्रजीत सिंह अगर सीएम से नहीं लड़ता तो हमारे फीत लग जाती, हम चेयरमैन बन जाते, हम शायद मिनिस्टर बन जाते। अरे मैं यू कहता हूं कि अगर हम किसी का साथ नहीं देते तो ये पार्टी सत्तासीन नहीं होती, तुम कहां के होते फिर।

राव ने सेना में अहीर रेजिमेंट न बनने पर भी रोष जताया। बोले- हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी, इसलिए अहीर रेजिमेंट नहीं बनी। राव इंद्रजीत सिंह 14 जनवरी को राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव सोहली में एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित रहे थे। अब इसकी एक वीडियो सामने आई है।

पढ़िए…मंच से राव इंद्रजीत ने क्या बातें उठाईं​​​​​​

  • बनाना चाहते थे विशाल हरियाणा: राव ने आगे कहा कि जब हमारी विशाल हरियाणा पार्टी होती थी, हमारा मन यह था कि हम पंजाब से अगर अलग होंगे तो विशाल हरियाणा बनाएंगे, दिल्ली को अपनी राजधानी बनाएंगे। राजस्थान के अलवर जैसे क्षेत्र को विशाल हरियाणा में शामिल करेंगे। इसमें मेरठ, भरतपुर और दिल्ली के इर्द गिर्द का एरिया, जिसने 1857 में अंग्रेजों से लोहा लिया इसमें शामिल होता। राव इंद्रजीत के पिता राव बिरेंद्र सिंह ने हरियाणा विशाल पार्टी का गठन किया था और मुख्यमंत्री भी रहे। बाद में पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया।
  • लोगों के मन में, इसलिए मुझे राजा कहते हैं: राव ने कहा- 1981 के अंदर विशाल हरियाणा पार्टी के 16 विधायक थे। हमारा राज घराना तो 1857 में अंग्रेजों के साथ लड़ाई लड़ते-लड़ते छिन गया था। अगर आज कोई हमें राजा कहता है तो वो उनके मन में है। लोगों ने मुझे छह बार जिताया, चार बार एमएलए जिताया, छह बार लोकसभा में जिताया। इसमें कोई दो राय नहीं की अगर मेरे को, मेरे पिता जी को और मेरी बेटी को लोगों का साथ नहीं होता तो आज के दिन स्टेज के ऊपर खड़े होकर आपके सामने भाषण नहीं दे रहा होता।
  • हमारे से दो बार हुआ भेदभाव: राव ने आगे कहा, 1977 में महेंद्रगढ़ जिले में कनीना हलका होता था। हरिसिंह वहां से एमएलए होते थे। तब परिसीमन आया तो पूरे हरियाणा में हर एक जिले में एक-एक विधानसभा क्षेत्र बढ़ाया, मगर दुर्भाग्य से महेंद्रगढ़ जिले से कनीना हलका घटा दिया। हमें और लोगों को इस बात की पाड़ी होती है। रेवाड़ी में साल्हावास विधानसभा क्षेत्र होता था। हमारे गांव की महिला उसमें 2 बार विधायक बन चुकी थी। लेकिन हरियाणा के अंदर फिर से एक सीट घटाई गई। वो रेवाड़ी में साल्हावास में घटाई गई।
  • अंग्रेजों से लड़े इसीलिए नहीं बनी अहीर रेजिमेंट: राव ने कहा कि याद रखो, आज अहीरवाल की तरफ से अहीर रेजिमेंट की बात होती है। हमने रेजांगला लड़ाई लड़ी। जब घुसपैठिए कश्मीर पर काबिज करने आए तो हम वहां पर सीना तान के खड़े हो गए थे। मगर 1857 में हमने और आपके पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लिया था। इसलिए अहीर रेजिमेंट नहीं बनाई गई, मगर ये नहीं की हम हार गए। आगे पीछे फिर बनेगी, फिर प्रयास करेंगे, जब तक जिंदा है, हम फिर कोशिश करेंगे। कोशिश करना हमारा फर्ज है, फैसला ऊपर वाले और हमारी पार्टी के हाथ में है।

सभी CM से रहा छत्तीस का आंकड़ा

राव इंद्रजीत के बारे में मशहूर है कि उनका हर सीएम के साथ 36 का ही आंकड़ा रहता है। जब कांग्रेस में थे और भूपेंद्र हुड्डा 2 बार सीएम रहे, तब राव इंद्रजीत की उनसे ठनी रही। सार्वजनिक मंचों पर भी लड़ाई देखने को मिली। उसके बाद भाजपा सरकार में 2 कार्यकाल मनोहरलाल खट्टर सीएम रहे, तब भी राव इंद्रजीत की उनसे तल्खी रही। अब नायब सैनी कैनिबेट में राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव मंत्री हैं। बावजूद इसके राव ने सीएम नायब सैनी के मंच से ही कहा था कि हमने भाजपा की सरकार बनवाई, हमारी बात सुननी पड़ेगी।

डिनर डिप्लोमेसी से राजनीतिक दबाव बनाते रहे हैं राव

कांग्रेस में रहते हुए भी राव इंद्रजीत अपनी डिनर डिप्लोमेसी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करते रहे थे। यही नहीं भाजपा में शामिल होने के बाद भी यह क्रम जारी रखा। अगस्त 2015 में जब मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बने कुछ महीने ही हुए थे, तब राव ने पहले सांसदों को डिनर दिया। उसके बाद अहीरवाल के विधायकों को डिनर पर बुलाया था। अब नायब सरकार के दौरान भी राव इंद्रजीत ने चंडीगढ़ में आरती राव के सरकारी आवास पर दक्षिण हरियाणा के विधायकों को डिनर दिया।

हरियाणा में ये इकलौता सियासी परिवार, जिसके पास 2 मंत्री पद

भाजपा आमतौर पर एक व्यक्ति एक पद या एक परिवार एक पद के फॉर्मूले पर चलती रही है। एक परिवार से एक ही टिकट की थ्योरी भी है। वर्तमान में हरियाणा में राव का इकलौता सियासी परिवार है, जिसके पास 2 मंत्री पद हैं। राव इंद्रजीत खुद केंद्र में राज्यमंत्री हैं जबकि उनकी बेटी आरती राव प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। स्वर्गीय बंसीलाल परिवार के पास भी 2 सियासी पद हैं, लेकिन मंत्री पद एक ही है। बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी राज्यसभा सदस्य हैं, वहीं उनकी बेटी श्रुति चौधरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री।

Related Articles