जसरापुर क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप, घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित
दिनभर अलाव का सहारा, चौपालों और चाय की छड़ियों पर जले अलाव, लोग और जानवर भी ठंड से बचने आग के पास बैठे नजर आए
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा
खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के मानोता जाटान, जसरापुर ,लोयल, ढाणी बाढ़ान, देवता, तातीजा, बड़ाऊ, नंगली सलेदी सिंह, चारावास सहित अन्य गांवों में इन दिनों शीतलहर और कड़ाके की सर्दी का असर लगातार बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तापमान में लगातार गिरावट के कारण सुबह और रात के समय तेज ठंड महसूस की जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ घने कोहरे ने हालात और अधिक कठिन बना दिए हैं, जिससे ग्रामीणों को दैनिक कार्यों और आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को जसरापुर क्षेत्र में दिनभर घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि 50 फीट से आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े, जिससे सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रही। कोहरे और ठंड के चलते लोग सुबह देर तक अपने घरों में ही दुबके रहे।शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर देखने को मिल रहा है। अलसुबह खेतों और बाजारों में आवाजाही बेहद कम रही। पूरे दिन लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। चौपालों और चाय की छड़ियों पर आग जलाकर ग्रामीण अलाव तापते दिखाई दिए।

ठंड की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अलाव के पास लोगों के साथ-साथ जानवर भी ठंड से बचने बैठे नजर आए। लोग भारी कंबल और शॉल में लिपटे रहे। कड़ाके की सर्दी के कारण सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
कड़ाके की ठंड का असर कृषि कार्यों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के समय खेतों में देर तक ओस और कोहरा छाया रहने से किसानों को काम शुरू करने में देरी हो रही है। कई किसान दिन चढ़ने के बाद ही खेतों में पहुंच पा रहे हैं। वहीं पशुपालक अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए बाड़ों को ढकने, अतिरिक्त चारा देने और अन्य आवश्यक इंतजाम करने में जुटे हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक जसरापुर क्षेत्र में शीतलहर का असर बने रहने की संभावना है। इस दौरान सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने तथा ठंडी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
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